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ऋषिकेश में सीएम रावत और योगी आदित्यनाथ ने किया अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का उद्घाटन

हिल मेल ब्यूरो, ऋषिकेश

मां गंगा के किनारे ऋषिकेश में आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2020 का उद्घाटन किया। यह महोत्सव 7 दिनों तक चलेगा। कार्यक्रम के दौरान आज छात्र और छात्राओं ने योग के कई आसनों का भी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज इस कार्यक्रम में 11 देशों और देश के 9 राज्यों से योगप्रेमी आए हैं। सीएम रावत ने एक कहानी भी सुनाई।

 

उन्होंने कहा कि वह हमेशा कुर्ता, पायजामा पहनते हैं और कई साल पहले 2005 में वह ऑस्ट्रेलिया में थे तो एक दंपती उनके पास आए और पूछा कि क्या आप योग करते हैं। क्या आप शिव भक्त हैं। मैंने कहा कि हां, आपने अच्छे तरीके से मुझे पहचाना। बड़ी आत्मीयता से उन्होंने पूछा था कि आप कहां से हैं, आप ऋषिकेश से हैं क्या? सीएम ने कहा कि यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात होती है कि योग के कारण भारत की पहचान दुनिया में बनी है। दुनिया को भारत ने योग दिया है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान शिव के ज्ञान को हमारे ऋषियों ने योग के रूप में मानव कल्याण के लिए आगे बढ़ाया था। योगी ने कहा कि योग भारत की ऋषि परंपरा का प्रसाद है। सामान्य रूप से हम योग के दोनों पक्षों को लेकर काम करते हैं पहला भौतिक पक्ष है, जिसे हम काया की सुंदरता और निरोगी होने के साथ जोड़ते हैं तथा दूसरा अध्यात्म का पक्ष। पहले योग को कुछ लोगों तक सीमित कर दिया गया था लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी को इसका श्रेय जाता है कि उन्होंने 193 से ज्यादा देशों को योग से जोड़ा। अब दुनिया का भारत से आत्मीय संवाद हो रहा है क्योंकि दुनिया को मन और काया की बीमारियों से मुक्ति चाहिए।

 

 

उन्होंने बताया कि पूर्वी यूपी के कई जिले थे जहां बरसात के समय हर साल सैकड़ों बच्चों की मौत हो जाती थी। योगी ने कहा कि पहले मैं इनसेफलाइटिस की बीमारी के लिए लड़ता था लेकिन जब खुद सीएम बना तो स्वच्छ भारत मिशन को घर-घर पहुंचाया और 2 साल में ही 90 फीसदी मौत के आंकड़ों को कम करने में सफलता पाई। योग अगर स्वच्छता से जुड़ जाए तो हमारी स्टेमिना को बढ़ा देता है। अंतरिक्ष जाने वाले यात्री को भी योग कराया जाता है। उन्होंने कहा कि योग की उद्गम स्थली उत्तराखंड ही है। आज यह दुनिया में अपने को स्थापित करता है। वेलनेस सेंटर के साथ-साथ योग प्रशिक्षक भी अब हम दुनिया में भेज सकते हैं।

 

कार्यक्रम में आए भारतीय लाइफस्टाइल कोच और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने कहा कि भारत का पूरी दुनिया के हर क्षेत्र में विशेष योगदान रहा है लेकिन सबसे मूल्यवान उपहार उसकी संस्कृति, अध्यात्म और योग पद्धति है। इसे आज सारे विश्व ने अंगीकार किया है। पीएम मोदी के अथक प्रयास से 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। उत्तराखंड तो योग की भूमि है, जहां योग के शिक्षक लोगों को शिक्षा देते हैं। उन्होंने लोगों से योग पद्धति का लाभ लेने की अपील की।

स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि योग के कारण अब हम पूरे विश्व में जगद्गुरु, विश्वगुरु ही हैं। पूरे संसार में योग की मांग बढ़ी है। योग से जीवन, सिद्धि और समाधान मिलता है। ऋषिकेश में बड़ी संख्या में विदेशी योग की शिक्षा लेने आते रहते हैं।

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