जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग द्वारा आयोजित ‘रन फॉर योग’ में उमड़ा जनसैलाब, स्वस्थ चमोली का लिया संकल्प
कर्णप्रयाग में तलवारों से हमला: सड़क दुर्घटना के बाद भड़का विवाद, सात लोग घायल, चार युवक हिरासत में
बंजी जंपिंग के बाद बिगड़ी तबीयत, देहरादून के 21 वर्षीय युवक की मौत
बढ़ती भीड़, घटती जगह: एम्स ऋषिकेश में गहराया बेड संकट, विस्तार योजना पर टिकी मरीजों की उम्मीदें
नीट परीक्षा को लेकर तनाव में थी छात्रा, देहरादून की टॉपर रिया थापा ने की आत्महत्या
पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति हाईकोर्ट में चुनौती, सरकार और अन्य पक्षों से मांगा जवाब
बैरागीवाला हिंसा मामले में 150 लोगों पर मुकदमा, पांचवीं गिरफ्तारी के साथ पुलिस की कार्रवाई तेज
मुकेश अंबानी ने बदरी-केदार धाम को दिए 10 करोड़ रुपये, देश की खुशहाली के लिए की विशेष पूजा
33 स्वर्ण पदक जीतकर देहरादून बना उत्तराखंड वुशू का नया चैंपियन
माणा गांव में खुले भगवान घंटाकर्ण मंदिर के कपाट, श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ भव्य आयोजन

अतुल्य उत्तराखंड

This is custom heading element

साक्षात्कार

सरोकार

बकीबात

पर्यटन समाचार

This is custom heading element

  • बूंद-बूंद को तरसते पहाड़: सूखते जल स्रोतों से कैसे बचेगा उत्तराखंड?

    बूंद-बूंद को तरसते पहाड़: सूखते जल स्रोतों से कैसे बचेगा उत्तराखंड?0

    उत्तराखंड को कभी जल स्रोतों की धरती कहा जाता था। यहां के पहाड़ों से निकलने वाले प्राकृतिक नौले, धारे, गदेरे और झरने गांवों की जीवनरेखा थे। लेकिन आज वही जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। राज्य के कई गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गर्मियों के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। महिलाओं को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है और खेती-बाड़ी भी प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह संकट और भयावह रूप ले सकता है।

    READ MORE

This is custom heading element

हिलमेल

HillMail Jun 2026

विज्ञापन

एक्सक्लूसिव / स्पेशल

  • बढ़ती भीड़, घटती जगह: एम्स ऋषिकेश में गहराया बेड संकट, विस्तार योजना पर टिकी मरीजों की उम्मीदें
    बढ़ती भीड़, घटती जगह: एम्स ऋषिकेश में गहराया बेड संकट, विस्तार योजना पर टिकी मरीजों की उम्मीदें

    उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल एम्स ऋषिकेश में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या अब संस्थान की क्षमता पर भारी पड़ने लगी है। रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि अस्पताल की कुल बेड क्षमता एक हजार है। बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में पिछले आठ वर्षों से लंबित 200 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित विस्तार योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन का मानना है कि यदि जल्द विस्तार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    READ MORE

This is custom heading element

Follow Us

Tweets

[FBW]

शिखर पर उत्तराखंडी

मेरे हिस्से का पहाड़

हमारी फ़ौज

  • लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे कमान

    लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, 30 जून को संभालेंगे कमान0

    भारतीय सेना को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। वर्तमान उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला सेना प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) नियुक्त किया गया है। वह 30 जून को सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करेंगे। मौजूदा सेना प्रमुख उपेन्द्र द्विवेदी इसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सेना प्रमुख बनना कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 1997 के बाद पहली बार आर्मर्ड कोर (बख्तरबंद रेजिमेंट) से संबंधित कोई अधिकारी सेना की सर्वोच्च कमान संभालेगा।

    READ MORE
Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this