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उत्तराखंड के पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने गांव में रहकर ही सफलता की नई मिसाल कायम की है। इन्हीं में एक नाम है कमल गिरी का, जिन्होंने मेहनत, लगन और आधुनिक तकनीक के दम पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया। कमल गिरी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं।
READ MOREसीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।
READ MOREउत्तराखंड की वीरभूमि ने अनेक ऐसे सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अपने साहस, त्याग और संघर्ष से इतिहास के पन्नों पर अमिट छाप छोड़ी। इन्हीं महान विभूतियों में एक नाम अमर शहीद श्रीदेव सुमन का है। उनकी जयंती केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष, जनअधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करने का अवसर है।
READ MOREउत्तराखंड की पहाड़ों भरी धरती पर जहां खेती लंबे समय से जीवन का आधार रही है, वहीं अब आधुनिक बागवानी और नई फसलों की ओर भी लोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बदलाव की सबसे प्रेरणादायक मिसाल बनी हैं टिहरी जिले की रहने वाली सीता देवी, जिन्हें आज पूरे क्षेत्र में “कीवी क्वीन” के नाम से जाना जाता है। अपनी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि पहाड़ की महिलाओं और किसानों के लिए भी एक नई राह खोल दी।
READ MOREदिल्ली-एनसीआर में बसे प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अपनी मातृभाषा और लोकसंस्कृति को जीवित रखने का एक अनूठा अभियान पिछले 15 वर्षों से लगातार चल रहा है। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के तत्वावधान में गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी भाषाओं की ग्रीष्मकालीन शिक्षण कक्षाएं हर वर्ष आयोजित की जाती हैं। वर्ष 2012 से शुरू हुई यह पहल आज एक विशाल सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले चुकी है।
READ MOREउत्तराखंड के पहाड़ों में जैसे ही गर्मियों की धूप तेज होने लगती है और जंगलों में लाल-लाल रसीले काफल पकने लगते हैं, वैसे ही वादियों में एक मधुर आवाज गूंजने लगती है। “काफल पाको… मैं नि चाख्यो…”यह केवल एक पक्षी की आवाज नहीं, बल्कि पहाड़ की लोकसंस्कृति, प्रकृति और भावनाओं से जुड़ी एक जीवंत धुन है। पहाड़ के लोग मानते हैं कि यह चिड़िया स्वयं आकर लोगों को बताती है कि अब जंगलों में काफल पक चुके हैं। इसलिए इसे प्यार से “काफल-पाको चिड़िया” कहा जाता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे इंडियन कुक्कू कहा जाता है, जिसका वैज्ञानिक नाम कुकुलस माइक्रोप्रोटेरस है।
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उत्तराखंड के पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने गांव में रहकर ही सफलता की नई मिसाल कायम की है। इन्हीं में एक नाम है कमल गिरी का, जिन्होंने मेहनत, लगन और आधुनिक तकनीक के दम पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया। कमल गिरी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं।
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सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।
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