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हल्द्वानी क्षेत्र में जनगणना और बीएलओ ड्यूटी के कारण सरकारी प्राथमिक स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती नजर आ रही है। शिक्षकों की कमी पहले से ही एक बड़ी समस्या थी, लेकिन अब अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
READ MOREउत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक और संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल के निधन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लोकगीत रसिकों को अपनी मधुर आवाज से दीवाना बनाने वाले इस कलाकार के जाने से सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। अल्मोड़ा सहित आसपास के कस्बों और शहरों में उनके प्रशंसकों, कलाकारों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
READ MOREउत्तराखंड के चौबटिया में भारत और जापान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्जियन 2026’ आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों के सैनिकों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकवाद से निपटने, पहाड़ी और शहरी इलाकों में ऑपरेशन के अनुभव साझा करने और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
READ MOREसांस्कृतिक संस्था पर्वतीय कला केंद्र द्वारा संस्था के संस्थापक तथा रंगमंच जगत के सुप्रसिद्ध संगीतकार स्व. मोहन उप्रेती के 98वें जन्मदिवस पर संस्था की 58 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण तथा उनके द्वारा गीत-नाट्यों और नाटकों का प्रभावशाली एवं मनमोहक मंचन किया गया।
READ MOREऐपण बचपन से उनके जीवन का हिस्सा रहा है। त्योहारों, पूजा-अनुष्ठानों और पारिवारिक आयोजनों में घर की महिलाओं को पारंपरिक लाल गेरू और चावल के घोल से सुंदर आकृतियां बनाते देख उन्होंने इस कला को सीखा। समय के साथ उन्होंने इसे केवल पारंपरिक आंगन और चौकी तक सीमित न रखकर कैनवास, लकड़ी की प्लेट, दीवार सज्जा, उपहार सामग्री और कॉर्पोरेट गिफ्ट आइटम्स तक विस्तार दिया।
READ MOREमालू के पत्तों में लिपटी सिंगोड़ी पर्यावरण-अनुकूल पारंपरिक सोच का भी प्रतीक है। आज जब प्लास्टिक और कृत्रिम पैकेजिंग पर्यावरण के लिए खतरा बन चुकी है, तब सिंगोड़ी जैसी मिठाई हमें प्रकृति के साथ संतुलन में जीने की सीख देती है।
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हल्द्वानी क्षेत्र में जनगणना और बीएलओ ड्यूटी के कारण सरकारी प्राथमिक स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती नजर आ रही है। शिक्षकों की कमी पहले से ही एक बड़ी समस्या थी, लेकिन अब अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
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उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक और संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल के निधन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लोकगीत रसिकों को अपनी मधुर आवाज से दीवाना बनाने वाले इस कलाकार के जाने से सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। अल्मोड़ा सहित आसपास के कस्बों और शहरों में उनके प्रशंसकों, कलाकारों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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