यह रहा 650 शब्दों के आसपास का
वुशू एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी दक्षता, फुर्ती और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए दर्शकों और प्रशिक्षकों को प्रभावित किया।
समापन समारोह में उत्तराखंड राज्य खेल परिषद के अध्यक्ष कुलदीप सिंह बुटोला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में वुशू जैसे खेलों के प्रति अद्भुत प्रतिभा और समर्पण देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और खेल परिषद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
अंतरराष्ट्रीय जज एवं रेफरी अंजना रानी सपकाल ने बताया कि प्रतियोगिता में लगभग 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इसमें सब-जूनियर अंडर-12, सब-जूनियर अंडर-14, जूनियर (अंडर-17) और सीनियर वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सभी वर्गों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया।
सब-जूनियर अंडर-12 बालक वर्ग में रक्षित, अंकित, अध्यर्थ, विराज वाष्णेय, अर्पित, चैतन्य, आयुष, ईशान, आरव, मनन और यश तिवारी ने शानदार प्रदर्शन कर पदक जीते। वहीं बालिका वर्ग में आंशिक, जानवी, तिविषा, निर्वाणी, एलीना, काजल, ख्याति, प्रियांशी और निहारिका विजेता रहीं।
सब-जूनियर अंडर-14 बालक वर्ग में दिव्यांश, विराट, कार्तिकेय, जतिन, अरमान, आर्यन, सिद्धार्थ, अर्जुन, ओम और भूपेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बालिका वर्ग में आंशिक, पिहू, निधि, सृष्टि थापा, आंशिक कांसवाल, मान्यता, सृष्टि और वैष्णवी ने पदक अपने नाम किए।
जूनियर (यूथ) अंडर-17 वर्ग में बालिका वर्ग की नीति, कल्पना, स्नेहा और धृति ने शानदार खेल दिखाया। वहीं बालक वर्ग में रक्षित, अंकित, वंश, अंश, तनिष्का, माही, अखिल और अभिनव चौहान ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
सीनियर महिला वर्ग में मयंका, हिमानी, आकांक्षा, उन्नति, पायल, शिवानी, मौलिकता और करीना ने पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। पुरुष वर्ग में नितिन, वशपाल, ऋतिक, अजय, राहुल, सूरज, शुभम, वंश, दीपक, नवीन, आदर्श और सिद्धांत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन और खिलाड़ियों के उत्साहपूर्ण प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड में वुशू खेल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को इसी प्रकार अवसर और सुविधाएं मिलती रहीं तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी अलग पहचान बनाएंगे।
चैंपियनशिप के समापन पर विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। देहरादून की टीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर ओवरऑल ट्रॉफी अपने नाम की और प्रदेश में वुशू के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।


Leave a comment