जानकारी के अनुसार मुकेश अंबानी सबसे पहले बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए और मंदिर में विशेष पूजा संपन्न कराई। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे और बाबा केदार के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। धाम में उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल रहा।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि दर्शन के दौरान मुकेश अंबानी ने मंदिर समिति को दो अलग-अलग चेक भेंट किए। इनमें से पांच करोड़ रुपये बदरीनाथ धाम और पांच करोड़ रुपये केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं के लिए प्रदान किए गए। यह राशि तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, मंदिर प्रबंधन, धार्मिक व्यवस्थाओं और विभिन्न विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अंबानी परिवार की सराहना करते हुए कहा कि उनकी भगवान बदरी विशाल और बाबा केदारनाथ के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि अंबानी परिवार समय-समय पर धामों के विकास और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए सहयोग करता रहा है। इस बार दिया गया दान भी मंदिरों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केदारनाथ मंदिर परिसर में मुकेश अंबानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। उनके आगमन के चलते मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया गया, हालांकि दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होती रही। दर्शन के बाद अंबानी ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की और धामों के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
इस अवसर पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, सदस्य डॉ. विनीत पोस्ती, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, डी.एस. भुजवाण, विपिन कुमार, विवेक शुक्ला, दीपक पंवार और सूरज जमलोकी सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मंदिर समिति की ओर से मुकेश अंबानी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा उन्हें प्रसाद और स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
चारधाम यात्रा के बीच मुकेश अंबानी की यह यात्रा और उदार दान श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इसे आस्था और सेवा का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। माना जा रहा है कि इस सहयोग से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड के दोनों प्रमुख धामों में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर व्यवस्थाओं और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्राप्त यह आर्थिक सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुकेश अंबानी की इस यात्रा ने एक बार फिर यह दर्शाया कि देश के प्रमुख उद्योगपति न केवल आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


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