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रानीखेत में इंसान से भी ऊंचा हो गया धनिये का पौधा, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा नाम!

आजकल लोग ज्यादा और अच्छी पैदावार के लिए खाद और न जाने कितना इंतजाम करते हैं पर उत्तराखंड के रानीखेत में जैविक तरीके से उगाया गया धनिया प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। खूबी इसकी ऊंचाई है। आप पास में खड़े होंगे तो शायद आपके सिर के ऊपर इसका ऊपरी सिरा लहराता दिखे। अब यह विश्व रिकॉर्ड बन सकता है...

धनिये का पौधा कितना लंबा देखा है आपने? हां वही धनिया, जिसे हम दाल, सब्जी, चटनी और भिन्न-भिन्न पकवानों में परोसकर जायका बढ़ाते हैं। एक हाथ, दो फुट ज्यादा से ज्यादा 4 फुट बस न! लेकिन अब हम आपसे कहें कि उत्तराखंड के रानीखेत में धनिये की ऊंचाई आमतौर पर इंसान की ऊंचाई से भी ज्यादा हो गई है तो शायद आपको यकीन न हो पर यह सच है। जीएस ऑर्गेनिक एप्पल फॉर्म विल्लेख, रानीखेत, उत्तराखंड (GS Organic Apple farm Billekh, Ranikhet, Uttarakhand) में धनिये की खास पैदावार हुई है जिसके वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने की संभावना है।

धनिये की इस जैविक पैदावार की खास बात यह है कि इसकी लंबाई 6 फुट 1 इंच (185 सेंटीमीटर) से अधिक है जो अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकता है आमतौर पर धनिये की लंबाई 2 से 4 फुट तक देखी गई है। अल्मोड़ा जिले के मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडे ने कहा कि उनके जिले में धनिये की काफी पैदावार हो रही है लेकिन जिस तरह से जीएस ऑर्गेनिक एप्पल फॉर्म विल्लेख में धनिये की पैदावार हुई है वह बहुत ही आश्चर्य पैदा करता है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने अभी तक इतने बड़े धनिये के पौधे नहीं देखे हैं। उन्होंने उम्मीद के साथ कहा कि धनिये की यह जैविक पैदावार एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बन सकता है। मुख्य उद्यान अधिकारी ने कहा कि अगर यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बन जाता है तो हमारे उत्तराखंड के लिए बहुत गर्व की बात होगी। आईसीएआर- विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा से आए वैज्ञानिक डॉक्टर गणेश चौधरी ने भी जब पौधे की पैमाइश की तो दंग रह गए।

उन्होंने कहा कि धनिये के पौधे की इतनी बड़ी लंबाई उनके संज्ञान में नहीं है। धनिये की इस पैदावार पर आश्चर्च प्रकट करते हुए उन्होंने बताया कि इसे गिनीज व‌र्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स जैसे संस्थानों को भेजा जा सकता है।

गोपाल उप्रेती ने बताया कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके खेत में इस तरह की कोई पैदावार हो रही है जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बन सकती है। उप्रेती ने इस संदर्भ में गिनीज़ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स को इस पैदावार के डॉक्यूमेंटेशन के लिए बुलाया है। उनका कहना है कि उन्होंने धनिये की इस पैदावार को बिना किसी संरक्षित संसाधनों के इस्तेमाल के बगैर खुले आसमान में पैदावार की है।

इस पैदावार के लिए ना तो किसी तरह के पॉलीहाउस का इस्तेमाल किया गया है और ना ही केमिकल का कोई छिड़काव किया गया है। धनिये के पौधे की लंबाई का विश्व रिकार्ड 1.8 मी है लेकिन इस फार्म में धनिये के पौधे की लंबाई 1.85 मीटर पहुंच गई है। यह इस तरह का अकेला पौधा नहीं है, फार्म में इस तरह के कई पौधे हैं।

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Hill Mail

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