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पहाड की गोल्डन गर्ल ‘मानसी नेगी’– एथलीट चैंपियनशिप में सोने का तमगा हासिल कर अब कोलंबिया में करेगी देश का नाम रोशन

उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के मजोठी गांव की गोल्डन गर्ल मानसी नेगी नें एक बार फिर जनपद चमोली ही नहीं उत्तराखंड को भी गौरवान्वित होने का मौका दिया है। मानसी नेगी ने गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में 10 किलोमीटर वॉक रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया।

उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के मजोठी गांव की गोल्डन गर्ल मानसी नेगी नें एक बार फिर जनपद चमोली ही नहीं उत्तराखंड को भी गौरवान्वित होने का मौका दिया है। मानसी नेगी ने गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में 10 किलोमीटर वॉक रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया। मानसी नें 10 किमी की वाॅक रेस 49 मिनट 54 सेकेंड में पूरी करके 1 से 6 अगस्त 2022 तक कोलंबिया में आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप अंडर 20 के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

मानसी के कोच अनूप बिष्ट का कहना है कि मानसी बचपन से ही लगन शील और मेहनती है मानसी ने अपनी मेहनत से आज यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि इन दिनों मानसी महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज एक्सीलेंट विंग की खिलाड़ी है। मानसी पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेंगी। मानसी की लगन और मेहनत को देखते हुए उन्हें लगता है कि मानसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल करेगी।

गौरतलब है कि मानसी नेगी की सफलता नें पहाड़ की हजारों बेटियों को मानो कुछ अलग करने का हौसला दिया है। मानसी सीमांत जनपद चमोली के मजोठी गांव की है। मानसी के पिताजी लखपत सिंह नेगी की 2016 में मृत्यु हो चुकी है। मानसी की मां शकुंतला देवी नें गांव में ही खेती मजदूरी कर अपनी बेटी को पढाया और आगे बढ़ने का हौसला दिया, यही कारण है कि बेहद अभावों में भी उसके अंदर कुछ अलग करने का जज्बा हमेशा बना रहा।

विपरीत परिस्थितियों में भी मानसी नें अपना हौंसला नहीं खोया। मानसी को आगे बढाने में उसके गुरुजनों और कोच का बहुत बडा योगदान रहा है। आज मानसी नेगी पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। मानसी ने दिखा दिया है कि बेटियाँ हर क्षेत्र मे अपना परचम लहरा सकती हैं। पहाड़ की इस बेटी के पहाड़ जैसे बुलंद हौंसलो नें एक नयी लकीर खींची है और नयी इबादत लिखी है।

रिपोर्ट-संजय चौहान

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Hill Mail

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