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डीएम गढ़वाल की अभिनव पहल के तहत पहाड़ी अंजीर (बेडू) से बने उत्पाद की हुई लॉन्चिग

विटामिन सी, प्रोटीन, फासफोरस, पोटेशियम, कैलशियम, मैगनिशियम व आयरन से युक्त बेडू से बने उत्पादों की वर्तमान डिमांड की तुलना में आधी ही सप्लाई हो पा रही है। वर्तमान में बेडू से बने 2 हजार उत्पादों की डिमांड है, जबकि एक सप्ताह में 3 कुन्तल बेडू की प्रोसेसिंग से 1000 प्रोडक्ट तैयार किये गये।

पहाड़ी अंजीर (बेडू) द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजर में उतारने के लिए जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ आशीष चौहान की अगुवाई में जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 1 लाख 5 हजार रुपये के पहले कन्सायनमेन्ट/प्रेषण के तहत देहरादून के होटल ह्यात् व कौडियाला के होटल ताज, देहरादून के हिलांश स्टोर सहित चारधाम यात्रा मार्गो पर बने अन्य स्टोरों के लिए जेम व चटनी के कुल 1000 प्रोडक्ट भेजे गये।

पहाड़ी अंजीर (बेडू) द्वारा निर्मित उत्पादों के लॉन्चिग कार्यक्रकम में पहले ऑर्डर के तहत जिलाधिकारी गढ़वाल द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित होटलों व स्टोरों के लिए बेडू से बने उत्पादों चटनीं व जैम के एक हजार उत्पाद का प्रेषण किया गया।

गौरतलब पहाड़ के जंगली फल बेडू को पहचान दिलाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा किये गये प्रयासों को देश के प्रधानमंत्री द्वारा मन की बता में भी जिक्र करते हुए सराहा जा चुका है।

जनपद में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्वि परियोजना (रीप) के सहयोग से उमंग स्वायत्त सहकारिता समूह पौड़ी द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों की मांग के अनुरुप एक सप्ताह में जैम व चटनी के एक हजार प्रोडक्ट तैयार किये गये।

रीप परियोजना के तहत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से 25-30 रु प्रति किलों की दर से बेडू खरीदकर उमंग स्वायत्त सहकारिता समूह को प्रोसेसिंग हेतु भेजा जाता है।

डॉ आशीष चौहान ने कहा कि बेडू से उत्पादों बनाने का कार्य जनपद मुख्यालय पौड़ी से प्रायोगिक तौर पर शुरु किया गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जनपद के अन्य स्थानों में भी बेडू से उत्पाद बनाने का कार्य शुरु किया जायेगा।

डीएम ने कहा कि जनपद में प्रतिवर्ष 600 कुन्तल बेडू के उत्पादन की क्षमता को अवसर में बदलकर 25-30 लाख रु का मुनाफा कमाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रीप परियोजना के तहत 36 गांवों की 550 महिलाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से बेडू का संकलन किया जा रहा है।

हाल के एक सप्ताह में विकासखंड पौड़ी, कोट, कल्जीखाल, पाबौ, र्खिसू व एकेश्वर से 3 कुन्तल बेडू संकलित किया गया जिससे 1 लाख 5 हजार रु0 के एक हजार से अधिक प्रोडक्ट तैयार किये गये हैं।

विटामिन सी, प्रोटीन, फासफोरस, पोटेशियम, कैलशियम, मैगनिशियम व आयरन से युक्त बेडू से बने उत्पादों की वर्तमान डिमांड की तुलना में आधी ही सप्लाई हो पा रही है।

प्रोजेक्ट मैनेजर रीप कुलदीप बिष्ट ने बताया कि वर्तमान में बेडू से बने 2 हजार उत्पादों की डिमांड है, जबकि एक सप्ताह में 3 कुन्तल बेडू की प्रोसेसिंग से 1000 प्रोडक्ट तैयार किये गये है।

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