Home उत्तराखंड न्यूज़ बीआरओ ने तीन दिन में वैली ब्रिज किया तैयार, अब राहत एवं बचाव कार्यों में आयेगी तेज
उत्तराखंड न्यूज़उत्तरकाशीताज़ा ख़बरफ़ौज

बीआरओ ने तीन दिन में वैली ब्रिज किया तैयार, अब राहत एवं बचाव कार्यों में आयेगी तेज

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लिमच्यागाड में आपदा से क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर वैली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बीआरओ की टीम ने युद्धस्तर पर कार्य कर तीन दिनों की अल्प अवधि में पुल बना दिया। पुल के बन जाने से गंगोत्री मार्ग पर अब डबरानी पल तक सड़क मार्ग सुचारू हो गया है और इससे आगे क्षतिग्रस्त सड़क का तेजी से पुनर्निर्माण करने की राह भी प्रशस्त हो गई है।

गत दिनों हुई अतिवृष्टि के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था और गंगनानी से आगे लिमच्यागाड़ पर बना 30 मीटर लंबाई का पुल आपदा के दौरान बह गया। जिसके फलस्वरूप सीमांत टकनौर क्षेत्र की लाइफलाइन कही जाने वाली इस सड़क पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया था। इस पुल को बनाने में बीआरओ की टीम दिन रात लगातार काम कर रही थी और उनके अथक प्रयासों से यह वैली ब्रिज बनकर तैयार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव तथा पुनर्निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए थे। वह निरंतर इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। उनकी निगरानी व निर्देशन में राज्य व केंद्र सरकार के अनेक विभागों व एजेंसियों द्वारा रेस्क्यू एवं राहत अभियान बेहतर समन्वय और पूरी तेजी के साथ संचालित किया जा रहा है।

इसके साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में यथाशीघ्र सामान्य स्थिति बहाल करने हेतु दिन रात काम किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आपदा प्रभावित क्षेत्र में संचार सुविधा, बिजली और पेयजल की आपूर्ति को बहाल किया जा चुका है।

भटवाड़ी सहित अन्य जगहों पर क्षतिग्रस्त सड़क को बहाल करने के बाद सीमा सड़क संगठन ने लोनिवि के सहयोग से दिनरात जुट कर लिमच्यागाड मे वैली ब्रिज बनाने का चुनौतीपूर्ण कार्य आज पूरा कर लिया है।

गंगोत्री मार्ग पर अब डबरानी पुल तक सड़क संपर्क बहाल हो जाने के फलस्वरूप इससे आगे के हिस्सों में क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे। इससे राहत एवं पुनर्वास कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति से संचालित किया जा सकेगा।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...