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नीति वैली एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन की नई पहचान

उत्तराखंड राज्य में पहली बार आयोजित की जा रही हाई-एल्टीट्यूड “नीति वैली एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” (मई के अंत में प्रस्तावित) की तैयारियाँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में आज पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्बयाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंसी लाल राणा, अतिरिक्त निदेशक, उप निदेशक (एडवेंचर), जिला पर्यटन विकास अधिकारी चमोली सहित नीति घाटी के विभिन्न ग्रामों के जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान एवं स्थानीय हितधारकों ने सहभागिता की।

पर्यटन सचिव ने आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने नीति घाटी में उपलब्ध आवासीय व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी धावकों एवं उनके दलों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त ठहराव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, होम-स्टे की क्षमता की समीक्षा की गई तथा सैनिक क्षेत्र में उपलब्ध संभावित आवास विकल्पों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक के दौरान रूट रेकी टीम द्वारा प्रस्तावित मैराथन मार्ग पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई, जिसमें मार्ग की कठिनाई, ऊँचाई, भूगोल तथा आपातकालीन सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की गई।

पर्यटन सचिव गर्बयाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नीति घाटी के इतिहास, लोककथाओं, स्थानीय पर्व-परंपराओं, भूगोल एवं समुदायों पर आधारित प्रचारात्मक एवं सूचनात्मक पुस्तिकाएँ (बुकलेट्स) तैयार की जाएँ, ताकि प्रतिभागियों एवं पर्यटकों को घाटी की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया जा सके।

उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी प्राप्त किए और सामुदायिक सहभागिता को केंद्र में रखते हुए आयोजन के लिए एक साझा दृष्टिकोण विकसित किया। यह सुनिश्चित किया गया कि स्थानीय समुदाय इस प्रतिष्ठित आयोजन का अभिन्न हिस्सा बने और कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं जैव-विविधता के मानकों के अनुरूप आयोजित हो।

बैठक में यह संकल्प व्यक्त किया गया कि नीति वैली एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नीति घाटी को वैश्विक मंच पर विशेष रूप से एडवेंचर पर्यटन एवं एथलेटिक्स के क्षेत्र में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगी।

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Hill Mail

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