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पीएम मोदी का पर्यटकों को संदेश: देवभूमि की स्वच्छता ही असली पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की पवित्रता और स्वच्छता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पहचान केवल उसकी सुंदरता से नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता और आध्यात्मिक गरिमा से भी जुड़ी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक की बोतलें और कचरा इधर-उधर फेंकना न केवल पर्यावरण, बल्कि आस्था को भी आहत करता है। उन्होंने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों से भी पहाड़ों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।

दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने यह संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से उत्तराखंड में पर्यटन और चारधाम यात्रा को नई रफ्तार मिलेगी। ऐसे में राज्य की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना और भी आवश्यक हो जाता है।

प्रधानमंत्री ने प्लास्टिक-मुक्त उत्तराखंड बनाने का आह्वान करते हुए जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वच्छता का यह संदेश हर घर तक पहुंचेगा।

मोदी ने विकास के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि संतुलित विकास ही भविष्य की स्थायी नींव रखता है।

हरिद्वार में आयोजित होने वाले आगामी कुंभ को लेकर भी उन्होंने विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कुंभ को दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया और सरकार व जनता के संयुक्त प्रयास से इसे वैश्विक स्तर पर उदाहरण बनाने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की गरिमा और पहचान को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे यहां की आस्था और प्राकृतिक धरोहर का सम्मान करें।

यह संदेश केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए भी प्रेरणादायक है। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच यह संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण है।

स्वच्छता बनाए रखने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। यात्रा मार्गों पर कचरा प्रबंधन और जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन भी स्वच्छता को लेकर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। जनभागीदारी के बिना इस अभियान को सफल बनाना संभव नहीं है।

इस पहल से उत्तराखंड को स्वच्छ और आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

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