Home उत्तराखंड न्यूज़ जुबिन नौटियाल ने अपनी बचपन की दोस्त रिचा संग त्रिजुगीनारायण मंदिर में लिए सात फेरे
उत्तराखंड न्यूज़पर्यटनरुद्रप्रयागसरोकार

जुबिन नौटियाल ने अपनी बचपन की दोस्त रिचा संग त्रिजुगीनारायण मंदिर में लिए सात फेरे

बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल ने अपनी बचपन की दोस्त रिचा चंदेल के साथ उत्तराखंड के त्रिजुगीनारायण मंदिर में पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह किया।

बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल अपनी बचपन की मित्र रिचा चंदेल के साथ उत्तराखंड के पौराणिक विवाह स्थल त्रिजुगीनारायण मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर विवाह सूत्र में बंधन गए।

विवाह पूरी तरह सादगीपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और अत्यंत करीबी लोग शामिल रहे। सूत्रों ने बताया कि जुबिन व रिचा करीब डेढ़ वर्ष पहले ही विवाह कर चुके थे, लेकिन अब पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार दोनों ने विवाह की रस्में पूरी कीं।

जानकारी के अनुसार, विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच सीमित उपस्थिति में आयोजित इस समारोह को निजी रखा गया। विवाह से जुड़ी कोई आधिकारिक तस्वीर सार्वजनिक नहीं की गई है। दुल्हन का नाम भी परिवार की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन विश्चस्त सूत्रों ने जुबिन की दुल्हन का नाम रिचा चंदेल बताया है।

वह उनकी बचपन की दोस्त हैं। सूत्रों के अनुसार, यह विवाह एक दिन पहले संपन्न हुआ, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। परिवार ने भी इस विषय पर सीमित प्रतिक्रिया दी है।

जुबिन की मां नीना नौटियाल ने बताया कि जुबिन ने अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखते हुए विवाह को पूरी तरह पारिवारिक दायरे में रखा। जुबिन के प्रशंसकों के बीच यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके जुबिन ने निजी जीवन को लेकर हमेशा संयमित रुख ही रखा है।

देहरादून के जौनसार में पले-बढ़े जुबिन का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रहा है। पारिवारिक अवसरों पर भी वह अक्सर प्रदेश की परंपराओं को महत्व देते रहे हैं। जुबिन के पिता रामशरण नौटियाल राजनेता हैं, जबकि मां नीना गृहणी हैं।

शिव-पावर्ती का हुआ था विवाह

त्रिजुगीनारायण मंदिर का विवाह संस्कार के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि यहीं भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसी कारण देशभर से कई दंपति यहां वैदिक परंपरा के साथ विवाह के लिए पहुंचते हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...