उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित खदरी क्षेत्र में रविवार देर शाम दर्दनाक हादसे में मां और उसकी दो वर्षीय बेटी की करंट लगने से मौत हो गई। तेज बारिश के दौरान बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिर गया था। अंधेरा होने के कारण मां-बेटी को सड़क पर पड़ा तार दिखाई नहीं दिया और दोनों उसकी चपेट में आ गईं।
जानकारी के अनुसार, खदरी शिव मंदिर गली निवासी सुमन पत्नी हरपाल सिंह जेठुड़ी अपनी दो वर्षीय बच्ची के साथ मोटा प्लाट स्थित अपनी बहन के घर गई थीं। रविवार देर शाम तेज बारिश के बीच वह बच्ची को लेकर पैदल अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था। बारिश और अंधेरे के कारण तार नजर नहीं आया और दोनों करंट की चपेट में आ गईं।
हादसे के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल मां-बेटी को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ मां और मासूम बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि महिला के साथ उसका करीब 10 वर्षीय बच्चा भी था, जो पीछे चल रहा था। गनीमत रही कि वह बिजली के तार की चपेट में नहीं आया और उसकी जान बच गई। हालांकि, हादसे में उसने अपनी मां और छोटी बहन को हमेशा के लिए खो दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि टूटे तार की जानकारी मिलने के बाद समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती, तो मां-बेटी की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने विद्युत लाइनों की नियमित निगरानी और खराब तारों को तत्काल हटाने की मांग की है।
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता शिव प्रसाद के अनुसार, तेज बिजली कड़कने के कारण लाइन टूट गई थी। टूटे तार के नीचे बह रहे पानी के संपर्क में आने से करंट फैल गया, जिसकी चपेट में मां-बेटी आ गईं। विभाग की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने ऋषिकेश के एसडीएम से भी मुलाकात की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसडीएम की ओर से दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
इस हादसे ने बरसात के मौसम में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में करंट लगने की घटनाओं में मौतें हुई हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठा रहे हैं। अब ग्रामीणों की मांग है कि जांच जल्द पूरी कर जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो।








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