फूलों की घाटी को इस वर्ष 1 जून को पर्यटकों के लिए खोला गया था। इसके बाद से ही यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में सैलानियों का पहुंचना जारी रहा। रंग-बिरंगे फूलों की सैकड़ों प्रजातियां, दुर्लभ वनस्पतियां, मनमोहक प्राकृतिक दृश्य और समृद्ध जैव विविधता पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख कारण बने। पांच महीने के पर्यटन सीजन के दौरान घाटी में पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।
वन क्षेत्राधिकारी आशीष जिरवान ने बताया कि इस सीजन कुल 35,261 पर्यटकों ने फूलों की घाटी का भ्रमण किया। इनमें 34,996 भारतीय और 265 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। भारतीय पर्यटकों में 21,306 पुरुष और 8,604 महिलाएं शामिल रहीं। इसके अलावा 18 वर्ष से अधिक आयु के 4,431 विद्यार्थी एवं शोधकर्ता तथा 12 वर्ष से अधिक आयु के 124 बच्चों ने भी घाटी का भ्रमण किया। वहीं, 531 वृद्ध पर्यटकों ने भी यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद उठाया।
विदेशी पर्यटकों की बात करें तो इस सीजन घाटी पहुंचने वालों में 127 पुरुष और 138 महिलाएं शामिल रहीं। विदेशी सैलानियों की मौजूदगी ने एक बार फिर फूलों की घाटी की अंतरराष्ट्रीय पहचान और लोकप्रियता को दर्शाया है।
वन विभाग को मिला 67 लाख रुपये से अधिक राजस्व
पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद का सकारात्मक असर वन विभाग के राजस्व पर भी देखने को मिला। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार, इस सीजन पर्यटकों की आवाजाही से वन विभाग को कुल 67 लाख 7 हजार 500 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पर्यटन के लिहाज से यह सीजन विभाग के लिए भी काफी महत्वपूर्ण रहा।
गौरतलब है कि 27 सितंबर को अत्यधिक बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के चलते पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फूलों की घाटी को एहतियातन एक दिन के लिए बंद किया गया था। हालांकि, इसके बावजूद पर्यटकों की संख्या में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और सीजन समाप्त होने तक घाटी ने रिकॉर्ड कायम कर दिया।
विश्व धरोहर के रूप में है विशेष पहचान
हिमालय की गोद में स्थित फूलों की घाटी अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता, दुर्लभ पुष्प प्रजातियों और विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह घाटी उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है। हर साल मानसून के दौरान यहां खिलने वाले रंग-बिरंगे फूल प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों, शोधकर्ताओं और फोटोग्राफी के शौकीनों को आकर्षित करते हैं।
इस वर्ष 35,261 पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद ने साबित कर दिया कि फूलों की घाटी का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। अब 31 अक्टूबर को पर्यटन गतिविधियां बंद होने के साथ ही इस सीजन का समापन हो गया है। पर्यटकों को अब अगले पर्यटन सीजन में इस खूबसूरत हिमालयी घाटी के दोबारा खुलने का इंतजार रहेगा।




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