उत्तराखंड सरकार के सहयोग और हिल-मेल के तत्वाधान में देहरादून में पांच नवंबर को रैबार 2017 की रंगारंग शुरुआत हुई। राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रैबार के मेहमानों का स्वागत गढ़वाली भाषा में किया। उन्होंने देश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे पहाड़ के सपूतों के योगदान को रेखांकित किया। अपने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि रैबार का उद्देश्य है कि पहाड़ के लोग एकजुट-एकमुठ होकर राज्य के विकास के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि रैबार के आयोजन का विचार इस बात को ध्यान में रखते हुए किया गया कि पहाड़ के दूर-सुदूर क्षेत्रों से होकर देश भर में फैले पहाड़ के लोग पहाड़ों की चिंता करें। हम मिलकर मंथन करें कि राज्य को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पहाड़ के सपूत देश में सभी अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने इस क्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, कोस्ट गार्ड के महानिदेशक राजेंद्र सिंह, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहाना, प्रधानमंत्री के सचिव भास्कर खुल्बे का विशेष तौर पर जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने अपने सात महीने के कार्यकाल की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पिछले कुछ समय में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई मुहिम जारी रहेगी और इस दिशा में आगे बड़े कदम उठाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में कंपलशिव करप्शन को दूर करने के लिए विशेष सहायता निधि का आवंटन किए जाने की जानकारी दी। गुड गवर्नेंस और जनता से संवाद की पहल काफी कारगर रही है। इसके अलावा शिक्षक दिवस पर टीचरों से भी संवाद किया गया। विद्यार्थियों से लगातार चर्चा की जा रही है। सुझाव व शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1905 शुरू की गई है। इसमें प्रतिक्रिया का समय 10 दिन रखा गया है। इसके साथ-साथ मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की योजनाओं का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी की शुरुआत करने जा रही है। इसकी शुरुआती मुख्यमंत्री के ही गांव से होगी।


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