रामपुर रोड स्थित होटल में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा की नई प्रदेश टीम की यह पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक है। पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक में राजनीतिक एजेंडे के साथ सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा होगी।
634 नेताओं से लिया जाएगा फीडबैक
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कुमाऊं दौरे के दौरान संगठनात्मक संवाद को व्यापक रूप दिया गया है। वह विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति के करीब 634 नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। इसमें मंत्री, सांसद, विधायक, दायित्वधारी, मेयर, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, महामंत्री और विभिन्न मोर्चों-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
इस संवाद का उद्देश्य केवल संगठन की स्थिति जानना नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं के जमीनी प्रभाव का आकलन करना भी है। जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं, विकास कार्यों की प्रगति, जनता की अपेक्षाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। इस फीडबैक के आधार पर 2027 के चुनाव की रणनीति को और धार देने की तैयारी है।
विकसित उत्तराखंड पर भी मंथन
बैठक में ‘विकसित उत्तराखंड’ के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इसके तहत प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने, पर्यटन को विस्तार देने, सड़क एवं कनेक्टिविटी मजबूत करने और पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने जैसे मुद्दों पर विचार किया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों और ग्रामीण-पहाड़ी क्षेत्रों की अलग-अलग चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की आगामी दिशा तय करने पर भी जोर रहेगा। भाजपा नेतृत्व का प्रयास रहेगा कि विकास के मुद्दों को आगामी विधानसभा चुनाव के राजनीतिक एजेंडे से जोड़ा जाए।
विपक्ष को जवाब देने की रणनीति
प्रदेश कार्यसमिति में विपक्ष की ओर से सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों और राजनीतिक हमलों का जवाब देने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में सक्रिय करने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
हल्द्वानी में बैठक ऐसे समय हो रही है जब शहर में हालिया ‘शुद्धीकरण’ विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। ऐसे में भाजपा की बैठक के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा और संगठन की आगामी रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।
प्रभारी को लेकर भी चर्चा
प्रदेश कार्यसमिति से पहले प्रदेश प्रभारी और प्रदेश महामंत्री संगठन की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज है। उत्तराखंड में नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति अभी नहीं हुई है, जबकि प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार को जून में राजस्थान भेजा जा चुका है। ऐसे में संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को पूरे दिन हल्द्वानी में रहेंगे। वह कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत के लिए पंतनगर एयरपोर्ट जाएंगे। इसके बाद प्रदेश कार्यसमिति, प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठकों में हिस्सा लेंगे।
कुल मिलाकर हल्द्वानी में होने वाला भाजपा का यह महामंथन उत्तराखंड में 2027 के चुनावी अभियान की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव माना जा रहा है। 634 नेताओं से मिलने वाले फीडबैक और संगठनात्मक मंथन के आधार पर पार्टी चुनावी तैयारियों का अगला खाका तैयार करेगी।


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