Home उत्तराखंड न्यूज़ हिल रत्न: हिलमेल की इस प्रस्तुति में हम हर हफ्ते आपको पहाड़ से जुड़ी एक ऐसी शख्सियत से रूबरू करायेंगे जिसने अपने काम और नाम की वजह से पहाड़ में अलग पहचान बनाई हो।
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हिल रत्न: हिलमेल की इस प्रस्तुति में हम हर हफ्ते आपको पहाड़ से जुड़ी एक ऐसी शख्सियत से रूबरू करायेंगे जिसने अपने काम और नाम की वजह से पहाड़ में अलग पहचान बनाई हो।

रणबीर सिंह बुटोला, अध्यक्ष, इंडियन ऑयल


आर. एस. बुटोला भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक उद्यम इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष हैं। वे इंडियन ऑयल की ग्रुप कंपनियां चैन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. और आईओटी इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एनर्जी सर्विसिज लि. और पेट्रोलियम फेडरेशन ऑफ इंडिया (पेट्रोफेड) के भी अध्यक्ष हैं।  इंडियन ऑयल में श्री बुटोला ऐसे समय में कंपनी का नेतृत्व कर रहे जब तेल एवं गैस कंपनियों के सामने अभूतपूर्व चुनौतियां हैं। आर. एस. बुटोला अपनी कार्यकुशलता के लिये राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से सम्मान पा चुके हैं।

उत्तराखंड के पौडी गढ़वाल जिले के मूल निवासी आर. एस. बुटोला सादा जीवन उच्च विचार के मानने वाले हैं। बुटोला फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज दिल्ली से एमबीए हैं और इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ बैंकर्स (सीएआइआईबी) के प्रमाणित सहयोगी हैं। उनकी सादगी की एक मिसाल ये है कि वो इतने बडे पद पर होने के बावजूद अपनी पत्नी के साथ वसन्तकुञ्ज के अपने छोटे से घर में रहते हैं।  पूर्व केन्द्रीय मन्त्री (स्व) राजेश पायलट के साथ काम करने के अनुभव को वे आज भी याद करते हैं। एक राजनेता के साथ जनता के बीच सीधे काम करना अपने आप में अलग अनुभव था। उनके साथ काम कर चुके और हिलमेल के मानद प्रधान संपादक एस के नेगी के मुताबिक आर. एस. बुटोला अपनी कड़ी मेहनत के बल पर आज इस मुकाम पर पहुचे हैं लेकिन इतने सालों में वे आज भी बहुत साधारण हैं। वे खास होने के बावजूद आम हैं। ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की बदौलत आज वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं। देश-विदेश की काफी यात्राएं कर चुके बुटोला गंभीर पाठक और सुलझे हुए चिंतक भी हैं। मिलनसार होने के साथ ही उनकी समाजसेवा में भी गहरी रूचि है।

बैक सेवा में मैनेजर के पद से अपना करियर शुरु करने के बाद आर. एस. बुटोला ने लगभग तीन दशकों के करियर में से दो दशक तक हाइड्रोकार्बन उद्योग के सभी पहलुओं में बहुमुखी अनुभव हासिल किया है। इंडियन ऑयल में कार्यग्रहण से पूर्व श्री बुटोला ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) के प्रबंध निदेशक थे। उनके नेतृत्व में ओवीएल ने महत्वपूर्ण अन्वेषण व उत्पादन पोर्टफोलियो तैयार किया जिसमें 15 से अधिक देशों में खोजी गई और उत्पादक परिसंपत्तियां दोनों शामिल हैं। आर. एस. बुटोला इंडियन ऑयल को नए मुकाम पहुँचाना चाहते हैं लेकिन उनकी राह आसन नहीं है। उनके लिए इस उद्योग में अग्रणी बने रहना सबसे बड़ी  चुनौती है।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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