Home उत्तराखंड न्यूज़ जड़ी-बूटियों पर अनुसंधान के लिए उत्तराखंड सरकार और पतंजलि इंस्टीट्यूट में करार
उत्तराखंड न्यूज़

जड़ी-बूटियों पर अनुसंधान के लिए उत्तराखंड सरकार और पतंजलि इंस्टीट्यूट में करार

Agreement between Uttarakhand government and Patanjali Institute

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून

उत्तराखंड को हर्बल स्टेट बनाने की दिशा में तेजी से प्रयास हो रहे हैं। सोमवार को ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट, उत्तराखंड और पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किया जाएगा।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में सीएम आवास पर एमओयू पर उत्तराखंड जनजाति कल्याण के निदेशक सुरेश जोशी और पतंजलि की ओर से आचार्य बालकृष्ण ने हस्ताक्षर किए।

यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के जनजाति मामलों के मंत्रालय के सहयोग से संचालित किया जाएगा। पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि उत्तराखंड की जनजाति, यहां मिलने वाली जड़ी-बूटी और परंपरागत ज्ञान के संरक्षण, उनके प्रयोगों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, अनुसंधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे जनजाति का जीवन समृद्धशाली होगा।

खासतौर से उत्तराखंड के जनजाति क्षेत्रों में पाए जाने वाले औषधीय पौधों और वहां प्रचलित परंपरागत इलाज पद्धतियों पर शोध कर उनका डाक्यूमेंटेशन किया जाएगा। फिलहाल यह कार्य पायलट आधार पर शुरू किया जा रहा है। भारत सरकार ने इसके लिए 3 करोड़ 12 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। बाद में प्रोजेक्ट का विस्तार अन्य राज्यों में भी किया जाएगा जिसमें नोडल एजेंसी ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट उत्तराखंड रहेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमारे परंपरागत ज्ञान को समृद्ध कर उसे पूरी प्रामाणिकता के साथ डाक्यूमेंट किए जाने की जरूरत है। परंपरागत ज्ञान और विज्ञान को साथ लेना होगा। जड़ी-बूटियों के उपयोग के साथ उनके संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा। इसके लिए जनजाति क्षेत्रों में परंपरागत रूप से कार्यरत लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। औषधीय पौधों को चिह्नित कर उनमें पाए जाने वाले तत्वों का पता लगाया जाएगा। पौधों का विस्तार में मोनोग्राफ तैयार किया जाएगा।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...