कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में जुटी उत्तराखंड सरकार हजारों की संख्या में दूसरे राज्यों से लौटे लोगों के आने से अलर्ट हो गई है। दरअसल, लॉकडाउन के बीच देश के कई शहरों से प्रवासी उत्तराखंडी अपने-अपने गांव चले आए हैं। ऐसे समय में तबलीगी जमात के लोगों के दिल्ली मरकज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कोरोना फैलने से हड़कंप मचा हुआ है, तब त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार दूसरे राज्यों से आए अपने लोगों पर भी फोकस कर रही है।
बताया जा रहा है कि पौड़ी जिले में ही अबतक 11 हजार से ज्यादा प्रवासी उत्तराखंडी अपने-अपने गांव लौट आए हैं। इनमें से 71 लोग विदेश से भी आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से लौटे एक प्रवासी को आइसोलेशन में भर्ती किया है जबकि 70 लोगों को होम क्वारंटीन किया जा रहा है।
इधर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोगों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करें और लॉकडाउन के दौरान घर में रहें। इसके साथ ही सीएम ने तबलीगी जमात के उन लोगों से खुद सामने आकर जांच कराने के लिए कहा है जो दिल्ली मरकज में शामिल हुए थे।
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कोरोना वायरस के रोकथाम, प्रभावी नियंत्रण एवं अनुश्रवण के लिए पौड़ी जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने पौड़ी मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रभारी मंत्री ने बाद में पत्रकारों को बताया कि जनपद में एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में करीब 11 हजार से ज्यादा प्रवासी लौटे हैं। ग्राम प्रधानों और प्रशासन के सहयोग से लगभग सभी को घरों में क्वारंटीन कर लिया गया है।
उधर, गांव पहुंचे प्रवासी ग्रामीणों की सूची जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे को पहुंचा दी गई है। विदेश से जिले में पहुंचे प्रवासियों में सबसे ज्यादा 12 लोग थलीसैण ब्लॉक में आए हैं। यमकेश्वर में 8, खिर्सू, कोट एवं एकेश्वर ब्लॉक में 5-5, नैनीडांडा, रिखणीखाल, द्वारीखाल व पौड़ी में 4-4 प्रवासी शामिल हैं। कल्जीखाल और बीरोंखाल में 3-3, पाबौ में 2 और दुगड्डा में एक प्रवासी गांव लौटा है। ऐसे में प्रशासन कोई जोखिम उठाना नहीं चाहता है और फिलहाल के लिए सबको होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया गया है।


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