उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के लिए जिला स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की निगरानी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने कैंप कार्यालय में बने केंद्रीयकृत कंट्रोल रूम से कर रहे हैं। यहां से कोविड-19 के लिए स्थापित सभी जिला कंट्रोल रूम और राज्य कंट्रोल रूम से फीडबैक लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रावत ने सोमवार को फोन पर राज्य के विधायकगणों से बात कर उनके क्षेत्रों में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति और बचाव के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने विधायकगणों को अपने क्षेत्र में लगातार संपर्क बनाए रख कर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करने और लॉकडाउन में घर पर ही रहने के लिये प्रेरित करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें लोगों सतर्क और सावधान करने के साथ ही उनकी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखना है। कोई भी गरीब भूखा न रहे। बाहर से आए लोगों पर लगातार नजर रखनी है। क्वारेंटाईन किए गए लोगों में से कोई इसका उल्लंघन करता है तो तुरंत प्रशासन को जानकारी दें। अगर किसी को खांसी, जुकाम, बुखार जैसी समस्या हो तो स्वास्थ्य विभाग को सूचित करे ताकि उचित इलाज हो सके। विधायक अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित करें। हमारे पास केवल और केवल यही एक समाधान है कि हम सामाजिक दूरी बनाकर रखें। हम सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें। इसका स्वयं भी पालन करें और औरों को भी इसका पालन करने हेतु जागरूक करें।
सहकारी बैंकों ने सीएम राहत कोष में दिए 1.21 करोड़ रुपये

सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों द्वारा अनुदान के रूप में दिया गया 1 करोड़ 21 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपा। उत्तराखंड कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 1 दिन के वेतन का 23 लाख 50 हजार का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु दिया गया। इस अवसर पर चेयरमैन कॉपरेटिव बैंक दान सिंह रावत, सचिव सहकारिता आर मीनाक्षी सुंदरम, रजिस्टार कोऑपरेटिव बैंक बाल मयंक मिश्रा एवं एमडी कॉपरेटिव बैंक दीपक कुमार उपस्थित थे ।
संत निरंकारी मंडल ने भी दिए 50 लाख रुपये

मुख्यमंत्री आवास में संत निरंकारी मंडल के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने मुख्यमंत्री रावत को कोरोना महामारी हेतु सहायता राशि के रूप में 50 लाख रूपये का चेक सौंपा। हरभजन सिंह ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संत निरंकारी मिशन के प्रदेश में स्थित सभी सत्संग भवनों को आइसोलेशन के लिए प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन कोरोना वायरस से लड़ाई में प्रदेश सरकार की हर संभव सहायता करेगा। उन्होंने कहा कि मिशन द्वारा जरूरतमंदों को राशन, सेनेटाइजर, मास्क इत्यादि भी वितरित की जा रही है।


Leave a comment