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ये स्विट्जरलैंड या कश्मीर नहीं, अपना मुनस्यारी है…

ट्यूलिप गार्डन का जिक्र होते ही आपके जेहन में श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर की तस्वीर उभर आएगी। खूबसूरत वादियों में मनमोहक फूलों का बागान सचमुच में रोम-रोम को पुलकित कर देता है। अगर हम आपसे कहें कि कश्मीर भी जाने की जरूरत नहीं है, अब अपने उत्तराखंड में कश्मीर जैसा दिलकश नजारा देखा जा सकता है। जी हां, ये सच है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट की पहली तस्वीरें शेयर की हैं।

पीले, गुलाबी, केसरिया फूलों के पौधे, पीछे से सीना ताने खड़े हिमालय के मस्तक पर बर्फ की चमकती चादर आपको कुछ देर के लिए मंत्रमुग्ध कर देगी। लगेगा कि ये नजारा आपको बुला रहा है। इस समय लॉकडाउन चल रहा है पर आपका जी कर रहा होगा कि उसके बाद यहां एक बार जरूर जाएं। सच में तस्वीर ही कुछ ऐसी है। सीएम ने विस्तार से इसके बारे में जानकारी भी साझा की है।

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उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध मोस्टामानु मंदिर के पास 50 हेक्टेयर भूमि में भी एक ट्यूलिप गार्डन का विकास किया जा रहा है। इन दोनों प्रोजेक्ट, ऑल वेदर रोड, पिथौरागढ़ एयर कनेक्टिविटी और हाल में राष्ट्र को समर्पित किए गए धारचुला-लिपुलेख मार्ग से पर्यटन विकास होगा।

CM रावत ने कहा कि 30 हेक्टेयर में फैले मुनस्यारी नेचर एजुकेशन और ईको पार्क सेंटर (Munsyari Nature Education and Eco Park Center) का एक हिस्सा ट्यूलिप गार्डन के रूप में विकसित किया जा रहा है और यह पिथौरागढ़ में बन रहे ट्यूलिप गार्डन से अलग है। इस पार्क में हट्स के साथ टेन्ट में रहने की सुविधा भी उपलब्ध है।

सीएम ने कहा कि 2017 में प्रदेश का कार्यभार संभालने के बाद से मेरी सरकार की हरसंभव कोशिश इस बात पर रही है कि हम हर क्षेत्र में ढांचागत सुधार के साथ-साथ प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति का उपयोग जीविकोपार्जन के लिए भी करें और इसी क्रम में मुन्स्यारी ईकोपार्क की स्थापना की गई है ।

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Hill Mail

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