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IIT रुड़की के छात्र के ‘मित्रों’ एप से पिट रहा पूर्वी लद्दाख में आंखें दिखा रहे चीन का टिकटॉक

कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया में चीन की साख को तो बट्टा लगा ही है अब लद्दाख में चीन की हरकतों के बीच उसके उत्पादों को भी जोरदार टक्कर मिलने लगी है। चीन के लोकप्रिय एप टिकटॉक को भारतीय 'मित्रों' ने जोरदार टक्कर दी है। खासबात यह है कि इसका उत्तराखंड कनेक्शन है।

एक तरफ पूर्वी लद्दाख में चीन की सेनाएं आक्रामक तेवर दिखा रही हैं, वहीं उसका लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो बनाने वाला एप टिकटॉक (tiktok) इन दिनों भारतीयों के ‘हाथों’ पिट रहा है। जी हां, आईआईटी रुड़की के एक स्टूडेंट ने टिकटॉक जैसे ही फीचर्स वाला एक एप ‘मित्रों’ (Mitron) तैयार कर दिया है जो तेजी से भारतीयों के मोबाइल में अपनी जगह बना रहा है।

आईआईटी रुड़की के स्टूडेंट शिवांक अग्रवाल (IIT Roorkee student Shivank Agarwal) द्वारा तैयार किया यह एप आप देखेंगे तो लगेगा कि जैसे टिकटॉक का क्लोन है। दिलचस्प यह है कि इस एप ने गूगल प्ले स्टोर पर टॉप फ्री चार्ट में टॉप-10 की लिस्ट में जगह बना ली है।

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अब तक यह 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। यह एप टिकटॉक से भी ऊपर दूसरी पोजीशन पर पहुंच गया। यह अपने नाम और ब्रैंडिंग की वजह से तेजी से पॉपुलर हो रहा है। पेटीएम के पूर्व सीनियर वाइस प्रेजिडेंट दीपक की ओर से किए गए ट्वीट में यह ऐप दूसरी पोजीशन पर दिख रहा है।

दूसरी बात यह ऐसे समय में लॉन्च हुआ है जब चीन के खिलाफ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में नकारात्मक छवि बन रही है। इंडियन यूजर्स के बीच टिकटॉक से जुड़े कई विवाद भी सामने आए हैं। इधर, भारत में स्वदेशी उत्पाद को लेकर लोगों का रुझान भी बढ़ा है। साथ ही बॉर्डर पर चीन की हरकतों के चलते भी भारतीय यूजर नाराज हैं।

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माना जा रहा है कि यह Mitron app टिकटॉक का विकल्प जरूर बन सकता है। केवल 8.03 एमबी साइज वाले इस ऐप को 11 अप्रैल 2020 को रिलीज किया गया है। अभी यह एप केवल एंड्रायड यूजर्स के लिए उपलब्ध है और इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इतने कम वक्त में इस एप को 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है।

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Hill Mail

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