Home उत्तराखंड न्यूज़ पिथौरागढ़ पिथौरागढ़ जिले में बादल फटने से आई तबाही, कई घर जमींदोज, 3 की मौत, 8 लोग लापता
पिथौरागढ़उत्तराखंड न्यूज़

पिथौरागढ़ जिले में बादल फटने से आई तबाही, कई घर जमींदोज, 3 की मौत, 8 लोग लापता

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में प्रकृति ने कहर बरपाया है। यहां भीषण बारिश, भूस्खलन, बादल फटने से 3 लोगों के मारे जाने की खबर है। कई लोगों के बारे में अब भी कोई खबर नहीं है। रास्ते कट गए गए हैं इससे घायलों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हुई।

उत्तराखंड की केदारनाथ आपदा को सात साल हो गए हैं, पर अब भी वो विनाशकारी तस्वीरें लोगों के जेहन में हैं। रविवार रात पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में बादल फटा तो लोग सहम गए। भीषण बारिश से कई घर जमींदोज हो गए। अबतक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लोगों को सात साल पुरानी आपदा याद आ गई। गैला गांव के कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं। करीब 10 लोग घायल हुए हैं। तस्वीरें ऐसी हैं जैसे ताश के पत्तों की तरह घरों और मिट्टी की बनावट को तितर-बितर कर दिया हो।

तांगा गांव में बताते हैं जहां घर थे, वहां अब मिट्टी ही मिट्टी है। ऐसा भूस्खलन हुआ कि घर का नामोनिशान मिट गया और चारों तरफ मलबा ही फैल गया। प्रभावित क्षेत्र में एसडीआरएफ और मेडिकल की टीम भेजी गई है। इससे पहले मुनस्यारी और बंगापानी इलाके में बारिश से गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से छोरीबगड़ गांव के कई मकान बह गए थे।

(वीडियो सोशल मीडिया से साभार)

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मदकोट में तीन लोग मारे गए हैं और आठ अन्य लोग लापता है। एक बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच चुका है। तांगा गांव के बारे में जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार 4 मकानों में मलबा घुसने से कुछ लोग जमींदोज हो गए थे। बंद रास्तों के कारण घायलों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हुई है। पत्थरकोट के प्रभावित परिवारों को एक प्राथमिक स्कूल में रखा गया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से किया जाए। उन्होंने प्रभावित लोगों को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराने को कहा है। एसडीआरएफ की 2 टीमें भी राहत एवं बचाव अभियान में लगी हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...