Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ दिव्यांग खिलाड़ी की पत्थर तोड़ते तस्वीर वायरल होने के बाद सीएम रावत ने फौरन भेजी मदद
उत्तराखंड न्यूज़पिथौरागढ़

दिव्यांग खिलाड़ी की पत्थर तोड़ते तस्वीर वायरल होने के बाद सीएम रावत ने फौरन भेजी मदद

खिलाड़ी अपने खेल से अपने परिवार का ही नहीं, राज्य और भारत का मान बढ़ाते हैं और भारतवासियों के लिए गर्व का पल लाते हैं। पदक मिलने पर स्टेडियम में बजने वाला राष्ट्रगान और ऊपर उठता तिरंगा भला किसकी रगों में जोश नहीं भरता होगा। हालांकि कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी आती हैं कि इन खिलाड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उत्तराखंड के एक ऐसे ही दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजेन्द्र सिंह धामी के बारे में जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को जानकारी हुई तो उन्होंने कोरोना काल में फौरन मदद पहुंचाई। उन्हें वित्तीय मदद के साथ-साथ मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का भी लाभ मिलेगा।

सीएम ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि हमारे खिलाड़ी हमारा गौरव हैं। दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रायकोट, कनालीछीना के रहने वाले राजेंद्र सिंह धामी को जिला खेल प्रोत्साहन समिति, पिथौरागढ़ के माध्यम से प्रोत्साहन के तौर पर 20 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया। जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ने धामी के घर जाकर उन्हें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और प्रशासन से पूरा सहयोग किए जाने के प्रति आश्वस्त किया।

https://www.facebook.com/tsrawatbjp/photos/pcb.3650202765000218/3650202668333561

 

आपको बता दें कि कोरोना महामारी में लाखों लोगों के रोजगार छिने तो भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राजेंद्र सिंह धामी पर मुश्किलों का पहाड़ टूट गया। हालत यह हो गई कि उन्हें गुजर-बसर करने के लिए मजदूरी शुरू करनी पड़ी। उनका 90 फीसदी शरीर पैरलाइज्ड है।

पिथौरागढ़ के रहने वाले धामी मनरेगा के तहत मजदूरी करने लगे। पत्थर तोड़ती उनकी तस्वीर वायरल हुई तो देश को जानकारी हुई और फिर शासन-प्रशासन की ओर से मदद की पहल हुई। उन्होंने बताया कि वह टूर्नामेंट से कुछ कमाई कर लेते हैं लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सब बंद हो गया है।

 

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...