एम्स ऋषिकेश में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू हो गई है। मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री देहरादून से हेलीकॉप्टर के जरिये यहां पहुंचे। एम्स में बने नए हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरा। इस मौके पर एम्स के हेल्थ वर्करों ने आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर के जरिये मरीज के रेस्क्यू का डेमो भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने एयर एंबुलेंस का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, ऋषिकेश की मेयर अनीता ममगाईं और एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. रविकांत भी उपस्थित थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को एयर एबुलेंस सेवा की विशेषताएं भी बताईं।
उत्तराखंड में भौगोलिक चुनौतियों के चलते कई बार जरूरतमंद को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाने में ज्यादा समय लग जाता है। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण घायल व्यक्ति की जान भी चली जाती है। लेकिन अब उत्तराखंड में किसी आपदा या दुर्घटना में घायल हुए लोगों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए एक बड़ी पहल हुई है।

इस अवसर पर सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि एम्स ऋषिकेश परिसर में हेलीपैड बनने से गंभीर रोगियों एवं दुर्घटना होने पर घायलों को हेली सेवा से अस्पताल लाने में सुविधा होगी। एम्स ऋषिकेष में इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मरीज को मात्र 09 मिनट में एम्बुलेंस से ट्रामा सेंटर तक पहुंचने की व्यवस्था रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग है। अतिवृष्टि होने पर राज्य में आपदायें अधिक होती हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने से दुर्घटनाएं भी अधिक होती है। दुर्घटना होने पर लोगों को हेली सेवा से उपचार के लिए जल्द एम्स लाने में सुविधा होगी।
सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि पिछले 03 साल में प्रदेश में 100 से अधिक लोगों की जान हेलीकॉप्टर सेवा से सीधे अस्पतालों में लाकर बचाई गई। इसके लिए सरकारी हेलीकॉप्टर एवं किराए पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की।

उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश देश का पहला ऐसा संस्थान है, जहां परिसर के अंदर हेलीपैड की सुविधा है। मुख्यमंत्री ने एम्स के डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में सीनियर डॉक्टर कोरोना के मरीजों का विशेष ध्यान रखें। जिस तरह कोरोना अपना स्वरूप बदल रहा है, यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस एवं डॉक्टरों के आपसी तालमेल से समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है। कोरोना काल में आशा, आंगनबाड़ी, नर्स एवं डॉक्टर और स्वच्छता कर्मचारी जो ग्राउंड लेबल पर कार्य कर रहे हैं, वे जनता के लिए देवदूत के रूप में कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को परीक्षण के साथ ही मनोवैज्ञानिक तरीके से भी मजबूत रखना जरूरी है। एम्स ऋषिकेश की पहुंच दुर्गम स्थानों के मराजों तक होनी चाहिए। सेवा सार्थक तभी होती है, जब सेवा गरीबों तक पहुंचे।

कुछ दिन पहले ही एम्स ऋषिकेश में एयर एंबुलेंस लैंडिंग का सफल ट्रायल हुआ था। एम्स ऋषिकेश देश का एकमात्र ऐसा अस्पताल बन गया है, जहां सीधे एयर एंबुलेंस लैंड करने की सुविधा है। अब कहीं दूर एयर एंबुलेंस लैंड करने और सड़क मार्ग से मरीज को अस्पताल पहुंचाने की तुलना में कम समय लगेगा। खास बात यह है कि एम्स में एक साथ 5 एयर एंबुलेंस लैंड हो सकेंगी।


अभी तक घायलों को आईडीपीएल हेलीपैड, जौलीग्रांट समेत अन्य स्थानों पर हेलिकॉप्टर लैंड कराकर सड़क मार्ग से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जाता था। इससे मरीजों को एम्स तक पहुंचाने और उपचार में देरी होती थी।


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