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10 हजार लोगों को रोजगार देने की कोशिश करे वन विभागः त्रिवेंद्र सिंह

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि वन विभाग रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोविड-19 के चलते गांव लौटे प्रदेशवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जल संरक्षण, पौधारोपण, नर्सरी विकास एवं वन संपत्ति की सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। हमें अपने प्रदेश लौटे लोगों को रोजगार देने की आवश्यकता है।

सीएम रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 10 हजार लोगों को ऊर्जा विभाग के माध्यम से 25 वॉट के सोलर प्लांट्स से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वन विभाग भी कम से कम 10 हजार लोगों को रोजगार देने के प्रयास करे। इससे हमारे गांव एवं हमारे वन दोनों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड कैंपा की बैठक में ये बातें कहीं। त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि वनों के विकास के लिए पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। पौधों का सर्वाइवल रेट बढ़ाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

उन्होंने बुग्यालों के संवर्द्धन के लिए कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम के साथ ही भीमल के इस्तेमाल पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वन्य पशुओं से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग बहुत ही कारगर है, लेकिन सोलर फेंसिंग की सुरक्षा के लिए लोगों को भी जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संवर्धन हेतु वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संवर्धन हेतु चेकडैम, चालखाल एवं ट्रेंच निर्माण के अच्छे परिणाम रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयन दिवस के अवसर पर प्रदेश के स्कूल एवं कॉलेजों को 10 हजार पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता के लिए 10-10 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे स्कूल एवं कॉलेज के माध्यम से प्रकृति के प्रति जनजागरूकता फैलाई जा सकेगी।

वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग द्वारा वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग द्वारा लगभग 10 हजार लोगों को भीमल के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। इन प्रशिक्षित लोगों का प्रयोग बुग्यालों के संवर्धन हेतु कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम आदि के निर्माण के लिए किया जा सकता है।

बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उत्तराखंड कैंपा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।

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Hill Mail

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