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सीएम त्रिवेन्द्र ने रखी गैरसैंण में सचिवालय नींव, लागत 110 करोड़

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 240 करोड़ 16 लाख 18 हजार रूपए के 81 विकास कार्यों का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में उत्तराखंड सचिवालय गैरसैंण का शिलान्यास किया। इसकी अनुमानित लागत 110 करोड़ रूपए है। गैरसैंण भराङ़ीसैण में विधानसभा भवन के बाद अब सचिवालय भी जल्द ही बनेगा।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 240 करोड़ 16 लाख 18 हजार रूपए के 81 विकास कार्यों का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 207 करोड़ 24 लाख 75 हजार रूपए लागत के 46 कार्यों का शिलान्यास किया गया जबकि 32 करोड़ 91 लाख 43 हजार रूपए के 35 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाकर अल्पकालीन व दीर्घकालीन योजनाओं पर काम कर रहे हैं। इसमें विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। हम ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण परिक्षेत्र में अगले 10 वर्ष में 25 हजार करोड़ रूपए खर्च करेंगे। यहां के विकास में निजी निवेशकों को भी शामिल करेंगे।

इसके अलावा त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दूधातोली में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के समाधि स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली एक महान देशभक्त के साथ दूरदृष्टा भी थे। उन्होंने पहाड़ की पीड़ा को समझा था। वे दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की बात उठाते रहे। दृढ़ निश्चय के धनी थे। वे हम सभी को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।

राज्य निर्माण आंदोलन के शुरूआती दौर से ही गैरसैण को राजधानी बनाने की संकल्पना हर आंदोलनकारी के मन में रही। गैरसैंण भराड़ीसैंण विधानसभा भवन का नाम भी चंद्र सिंह गढ़वाली जी के नाम पर ही है। हमने प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया है। केवल घोषणा ही नहीं की बल्कि अगले 10 वर्षों में 25 हजार करोङ रूपए से गैरसैंण परिक्षेत्र में प्रदेश की राजधानी के अनुरूप अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने जा रहे हैं।

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