Home देश-विदेश भारत-फ्रांस की वायुसेना ने Rafale विमान के साथ किया युद्धाभ्यास, CDS जनरल रावत भी हुए शामिल
देश-विदेश

भारत-फ्रांस की वायुसेना ने Rafale विमान के साथ किया युद्धाभ्यास, CDS जनरल रावत भी हुए शामिल

राजस्थान के जोधपुर में फ्रांस और भारत की वायुसेना राफेल विमानों के साथ डेजर्ट नाइट युद्धाभ्यास कर रही हैं। इसी में शिरकत करने CDS जनरल बिपिन रावत जोधपुर पहुंचे हैं। फ्रांसीसी राफेल विमानों को भारतीय राफेल विमानों के साथ-साथ 17 स्क्वाड्रन जोधपुर में तैनात सुखोई एसयू-30 एमकेआई के साथ उड़ान भरते देखा जा सकता है।

भारत और फ्रांस की वायुसेना के बीच इन दिनों राजस्थान के जोधपुर में डेजर्ट नाइट युद्धाभ्यास चल रहा है। इसमें हाल ही में भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए राफेल लड़ाकू विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने बृहस्पतिवार को इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया। उन्होंने फ्रांस से आए मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट विमान में उड़ान भरी। इस मौके पर CDS जनरल बिपिन रावत ने कहा कि भारत-फ्रांस के युद्धाभ्यास ने दिखाया है कि भारतीय वायुसेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान वायुसेना की ताकत में इजाफा करेगा।

Image

राजस्थान के जोधपुर में फ्रांस और भारत की वायुसेना राफेल विमानों के साथ डेजर्ट नाइट युद्धाभ्यास कर रही हैं। फ्रांसीसी राफेल विमानों को भारतीय राफेल विमानों के साथ-साथ 17 स्क्वाड्रन जोधपुर में तैनात सुखोई एसयू-30 एमकेआई के साथ उड़ान भरते देखा जा सकता है।

Image

जनरल बिपिन रावत ने कहा कि भारत और फ्रांस की वायुसेना 2002 से लगातार युद्धाभ्यास करती आ रही है। इस अभ्यास का खास महत्व इसलिए है कि हाल ही में हमारी वायुसेना के पास राफेल लड़ाकू विमान आया है। हमारे पायलट सुखोई-30, मिराज के साथ मिलकर इसका अभ्यास कर रहे हैं, यह दर्शाता है कि हमारे पायलटों ने कितनी जल्दी इस विमान को उड़ाने में महारत हासिल कर ली है।

 

Image

इस युद्धाभ्यास के दौरान फ्रांस का मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट विमान की खूबियां देखने को मिलीं। यह विमान पैसेंजर भी ले जा सकता है। इसके जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भी बदला जा सकता है। ये विमान हवा में ईंधन भरने के काम आता है। सीडीएस जनरल रावत ने कहा, हमने देखा कि कैसे हमारे राफेल, सुखोई और मिराज विमान इस मल्टी रोल टैंकर से रीफ्यूलिंग कर रहे थे। हमारे पाइलटों ने यह सब बड़ी आसानी से कर दिखाया।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की शिष्टाचार भेंट

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने बुधवार, 21 अक्टूबर को...

डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, दुष्यंत गौतम को मिली सिक्किम की जिम्मेदारी

उत्तराखंड समेत देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल...

सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव: सीएम धामी ने दिया ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड...

उत्तराखंड बीजेपी से राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य कल करेंगे नामांकन, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी के घोषित प्रत्याशी...