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पौड़ी गढ़वाल

थैलीसैंण के भैरवखाल में कश्मीरी कागजी अखरोट की बागवानी शुरू

देश की सेना न केवल देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहती है बल्कि वह देश के पर्यावरण और भूमि के संरक्षण को भी बनाये रखने में महत्वणूर्ण भूमिका निभा रही है। हमारी सेना के जवान देश के अनेक क्षेत्रों में जाकर लोगों के साथ फलदार पेड़ों को लगाने का काम कर रहे हैं। ऐसा करने से लोगों की बागवानी के प्रति रूचि पैदा होगी और उनका भविष्य भी उज्जव होगा।

थैलीसैंण विकासखंड के भैरवखाल में 10 एकड़ भूमि में कश्मीरी अखरोट की बागवानी शुरू की गई है इसकी शुरूआत उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने की। उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड थैलीसैंण के भैरवखाल में 10 एकड़ भूमि पर कश्मीरी कागजी अखरोट का पौध रोपण कार्य का शुभारंभ किया। इसके अलावा उन्होंने त्रिपालीसैंण में डेरी विकास ग्रोथ सेंटर का उद्धघाटन करके क्षेत्र वासियों को विकास की सौगात दी।

इस अवसर पर धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार जनमानस की जन भावना को ध्यान में रखते हुए बेहतर कार्य कर रही है। थैलीसैंण के भैरवखाल में 10 एकड़ भूमि पर 5 हजार कश्मीरी अखरोट के उच्च कोटि की पेड़ का रोपण कार्य शुरू कर दिया गया है। यह अखरोट की बागवानी प्रदेश की पहली बागवानी होगी जहां पर उच्च प्रजाति के 5000 पेड़ एक ही स्थान पर लगाए जाएंगे। जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार में संवर्धन के साथ-साथ आर्थिक विकास भी होगा। उन्होंने बागवानी के जरिए स्वरोजगार अपनाने पर जोर दिया और कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों की बड़ी मांग है।

धन सिंह रावत ने त्रिपालीसैंण में दुग्ध विकास की ग्रोथ सेंटर का शुभारंभ अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए, सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। कहा कि ग्रोथ सेंटर खुलने से क्षेत्र में लोग काफी लाभ होगा। अपने पालतू पशुओं का दूध ग्रोथ सेंटर में उचित दाम पर बेच सकेंगे। कहा कि क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। जिससे लोग को अपने ही घरों में रोजगार का अवसर मिल सकेगा। कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ ले। जिससे स्वरोजगार के साथ ही अपनी आर्थिकी मजबूत बना सके। कहा कि प्रदेश भर में ग्रोथ संेटर बनाये जा रहे हैं और पहला ग्रोथ संेटर त्रिपालीसैंण में बनाया है, जिसमें प्रोसेसिंग का कार्य भी होगा और डेरी उद्योग के लिए ढाईजूली पट्टी के लिए हो गया, जिससे काश्तकारों व डेरी पालकों की आय दुगुनी होगी। कहा कि 50 प्रतिशत अनुदान पर 3 से 5 गाय दे रहे हैं। साथ ही मंत्री ने किसान गोष्ठी में में भी प्रतिभाग किया।

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