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मौत को मात देकर घंटों बाद मलबे से निकले 16 लोग तो मुंह से निकला एक नाम- जय बद्री विशाल

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटा तो कई घरों से चिराग बुझ गए। 170 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।  गुजरते पल के साथ तमाम तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं, लेकिन पूरा देश एकजुट होकर इन लोगों के लिए दुआएं कर रहा है। दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी खुशनसीब हैं, जो मौत को मात दे चुके हैं। जी हां, 2013 के बाद रविवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच प्रदेश में एक बार फिर जल प्रलय आई।

चमोली के तपोवन इलाके में एनटीपीसी का प्रोजेक्ट भी इसकी चपेट में आ गया। यहां एक टनल का काम चल रहा था और उसमें कई मजदूर पानी के साथ आए मलबे में दब गए। कुछ देर बाद देवदूत बनकर ITBP के जवान पहुंचे। जिंदगियों को बचाने का यह ऑपरेशन इतना आसान नहीं था।

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राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। सबको पता था कि टनल में कई लोगों की जान मुश्किल में है। इसे चमत्कार ही कहेंगे कि मलबे में दबे 16 लोग 8 घंटे बाद भी सुरक्षित थे। सुरंग से बाहर निकाले गए तो उनके मुंह से सिर्फ एक ही जयकारा लगा- जय बद्री विशाल। ITBP ने उस पल का वीडियो भी साझा किया है।

ITBP ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि बहादुर हिमवीरों ने रविवार शाम 4 घंटे के अथक प्रयास के बाद इन लोगों को टनल से बचा लिया। इनमें से 3 लोग बेसुध अवस्था में थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें स्ट्रेचर से ले जाया गया।

हालांकि 8 घंटे उनके कैसे बीते, यह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन घंटों की खौफनाक आपबीती उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। सभी ने ITBP के जवानों का शुक्रिया अदा किया।

जवानों ने भी जीवित बचाए गए लोगों का पीठ ठोंककर स्वागत किया। कुछ लोग खुशी के मारे आसमान की तरफ देखते रहे, जैसे नई जिंदगी के लिए ऊपर वाले का शुक्रिया अदा कर रहे हों। हालांकि सभी इतने खुशनसीब नहीं थे, अब तक 7 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, करीब 150 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी आईटीबीपी के बहादुर जवानों की प्रशंसा करते ट्वीट किया। उन्होंने लिखा हमारे आईटीबीपी के जवान उत्तराखंड में बचाव अभियान चला रहे हैं। हम जरूरत के समय अपने लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अभियान का वीडियो भी शेयर किया।

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Hill Mail

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