Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून कोरोना ने तोड़े रिकॉर्ड, उत्तराखंड में इन 12 राज्यों से आने वाले लोग 7 दिन रहेंगे होम क्वारंटीन
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़नैनीताल

कोरोना ने तोड़े रिकॉर्ड, उत्तराखंड में इन 12 राज्यों से आने वाले लोग 7 दिन रहेंगे होम क्वारंटीन

कोरोना की दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। देश में आज एक दिन में पहली बार 1 लाख 15 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मरीज आए हैं। 630 लोगों की मौत हुई है। यह दूसरी बार है जब कोरोना के मामले एक दिन में एक लाख के पार पहुंचे हैं। पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित होती दिख रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली, तमिलनाडु समेत कुल 12 राज्य हैं। पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड में भी एक दिन में 500 से ज्यादा केस आने लगे हैं। ऐसे में चिंता बढ़ गई है।

6 अप्रैल को 24 घंटे में 791 नए मामले आए। इससे पहले भी 500 से ज्यादा केस आए थे। यह आंकड़े उत्तराखंड की आबादी के हिसाब से बड़े खतरे का संकेत दे रहे हैं।

उत्तराखंड के हरिद्वार में महाकुंभ चल रहा है, जहां लाखों की संख्या में लोगों का आना-जाना जारी है। ऐसे हालात में कोरोना प्रभावित राज्यों से आ रहे लोगों से संक्रमण को फैलने से रोकना उत्तराखंड सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

Image

जिलेस्तर पर फैसले लिए जा रहे हैं। नैनीताल, उधमसिंह नगर समेत कई जिलों में महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से सड़क, हवाई मार्ग और ट्रेन से आने वाले लोगों को एक हफ्ते होम क्वारंटीन होना पड़ेगा।

राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देख पुलिस एवं प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उधमसिंह नगर के एसएसपी ने पुलिस चेकिंग अभियान चलाकर कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रहे लोगों का चालान करने को कहा है।

नैनीताल में एसएसपी डीएस कुंवर ने कहा है कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों कोरोना को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में कोरोना फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर आप दूसरे राज्यों से आ रहे हैं तो खुद सात दिन होम क्वारंटीन रहें। इसके बाद डॉक्टर से कोरोना की जांच कराएं। प्रशासन की स्पष्ट कहा गया है कि होम क्वारंटीन न होने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...