उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के देखते हुए अब शादी समारोह में मेहमानों की संख्या को और सीमित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शादी में अधिकतम लोगों की संख्या 25 करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले यह 100 और फिर घटाकर 50 कर दी गई थी। तीरथ सिंह ने सीएम राहत कोष से आशा कार्यकत्रियों को एक-एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने को भी कहा है। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते संक्रमण के मामलों के मद्देनजर बाज़ार खुलने के समय को जिलाधिकारी अपने अनुसार घटा सकते हैं।

डोर टु डोर सर्वे के निर्देश
सचिवालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने डोर टू डोर सर्वे के निर्देश दिए, इसके साथ ही 104 के अतिरिक्त सीएम हेल्पलाइन और पुलिस विभाग के कॉल सेंटर में फोन लाइनों की संख्या बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉल सेंटर और हेल्पलाइन पूरी तरह से सक्रिय रहें और बेड, इंजेक्शन सम्बंधी जानकारी भी अपडेट रहे। ऑक्सीजन के सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने के लिए हरसंभव कोशिश की जाए। इसमें विभिन्न संगठनों, उद्योगों की सहायता भी ली जा सकती है। कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भोजन, पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई ढिलाई न हो। इसके साथ ही छोटे-छोटे स्थानों में सेनेटाइजेशन का काम किया जाए जहां संक्रमण की अधिक संभावनाएं हैं ।
बैठक में निर्देश दिए कि शादियों में अधिकतम संख्या 25 की जाए। मेरी सरकार इस कठिन समय में प्रदेश के एक एक व्यक्ति के साथ खड़ी हैं और उनकी सुरक्षा एवं उत्तम स्वास्थ्य के लिए कृतसंकल्पित हैंI pic.twitter.com/vSkTHQ6SxT
— Tirath Singh Rawat (मोदी का परिवार) (@TIRATHSRAWAT) May 1, 2021
तीरथ बोले, आदेशों का धरातल पर हो क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांटों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो। सभी कोविड केयर सेंटर एवं अस्पतालों में फायर सेफ्टी सुनिश्चित की जाए। कोविड टेस्ट की रिपोर्ट में समय न लगे। टेस्ट होते ही तुरंत सभी को कोविड किट दिया जाए। शासन से जो भी निर्देश दिए जाते हैं, उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। टेस्ट सेंटरों और वैक्सीनेशन सेंटरों में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाए। ई-संजीवनी पोर्टल को और प्रभावी बनाते हुए प्रचारित किया जाए ताकि जन सामान्य उसका अधिक लाभ उठा सके। होम आइसोलेशन में रहने वालों को मालूम होना चाहिए कि उन्हें किन बातों का ध्यान रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वालों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसका पालन कडाई से हो। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों की व्यवस्था को लगातार क्रास चेक करवाया जाए। संबंधित मरीजों और उनके परिजनों से इसका फीड बैक लिया जाए।
कोविड मरीजों के लिए एंबुलेंस की दरें फिक्स करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड मरीजो के लिए एम्बुलेंस की दरें निर्धारित की जाए ताकि ओवररेटिंग जैसी शिकायत ना हो । दवाओं के कालाबाजारी को रोकने के लिए 147 एसटीएफ टीमें बनाई गई हैं। अभिसूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। बॉर्डर में रजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड रीडर के जरिये चेकिंग की जाए। कोविड कर्फ्यू में निर्माण कार्यों को छूट है इसलिए निर्माण से संबंधित सीमेंट, सरिया की दुकानों को बंद न कराएं।


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