सेना को आज 341 युवा अफसर मिल गए। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में युवाओं की पासिंग आउट परेड हुई। सेना की दक्षिण-पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह ने बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर परेड का निरीक्षण कर पास जेंटलमैन कैडेट्स से सलामी ली।
कोरोना के खतरे को देखते हुए इस बार भी कैडेट्स के परिजन पासिंग आउट परेड नहीं देख पाए। शपथ समारोह के बाद 425 जेंटलमैन कैडेट्स बतौर लेफ्टिनेंट देश और विदेश की सेनाओं का अभिन्न हिस्सा बन गए। इनमें 341 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिले।
इसके अलावा 84 युवा सैन्य अधिकारी 9 मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मॉरीशस, श्रीलंका, वियतनाम, टोंगा, मालदीव और किर्गिस्तान की सेना का अभिन्न अंग बनेंगे। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाद उत्तराखंड देश को सबसे ज्यादा सैन्य अफसर देने वाला राज्य रहा। इस बार उत्तराखंड के 35 युवा भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हुए।
युवा कैडेटों का जोश और जज्बा देखते ही बन रहा था। आईएमए की धुन पर जेंटलमैन कैडेट्स ने शानदार तरीके से कदमताल किया। अफसरों को सैन्य परंपराओं का निर्वहन करने का संदेश दिया गया। मुकेश कुमार को स्वार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया, जबकि दीपक सिंह को स्वर्ण, मुकेश कुमार को रजत और लवनीत सिंह को कांस्य पदक मिला। दक्ष कुमार पंत ने सिल्वर मेडल (टीजी) हासिल किया। किन्ले नोरबू सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट चुने गए। चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ बैनर डोगराई कंपनी को मिला।
कोरोना के चलते युवा अफसरों के घरवाले भले ही आईएमए नहीं आए पर देशभर के लोगों ने जोशीली कॉमेंट्री के साथ पूरे कार्यक्रम को लाइव टीवी और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखा।



Leave a comment