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कोरोना, वैक्सीन, ओलंपिक, मिल्खा, मॉनसून…. पढ़िए आज मन की बात में पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा

जून 2021 के मन की बात अंक में पीएम ने आज एक तरफ ओलंपिक खेलने टोक्यो जा रहे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया तो वहीं दिग्गज खिलाड़ी मिल्खा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त की। उन्होंने कोरोना पर सतर्कता बरतने, वैक्सीन लगवाने के आह्वान के साथ मॉनसून की भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में लीजेंड एथलीट मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जब वह अस्पताल में थे तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था। मैंने उनसे कहा था कि आपने तो 1964 में टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था इसलिए इस बार जब हमारे खिलाड़ी ओलंपिक के लिए टोक्यो जा रहे हैं तो आपको हमारे एथलीट का मनोबल बढ़ाना है और उन्हें अपने संदेश से प्रेरित करना है।

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टोक्यो जा रहे खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि हर खिलाड़ी का अपना संघर्ष रहा है, बरसों की मेहनत रही है।

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उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे #Cheer4India के साथ अपने इन खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दे सकते हैं। पीएम ने कहा कि अगर आपको कोई ऐसा आइडिया आता है जो हमारे खिलाड़िों के लिए देश को मिलकर करना चाहिए तो वो आप मुझे जरूर भेजिएगा।

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मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ हम देशवासियों की लड़ाई जारी है लेकिन इस लड़ाई में हम सब साथ मिलकर कई असाधारण मुकाम भी हासिल कर रहे हैं।

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पीएम ने बताया कि मध्य प्रदेश के सतना के एक साथी हैं श्रीमान रामलोटन कुशवाहा जी, उन्होंने बहुत ही सराहनीय काम किया है। रामलोटन जी ने अपने खेत में एक देशी म्यूजियम बनाया है। इस म्यूजिम में उन्होंने सैकड़ों औषधीय पौधों और बीजों का संग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है- “नास्ति मूलम् अनौषधम्” अर्थात, पृथ्वी पर ऐसी कोई वनस्पति ही नहीं है जिसमें कोई न कोई औषधीय गुण न हो! हमारे आस-पास ऐसे कितने ही पेड़ पौधे होते हैं जिनमें अद्भुत गुण होते हैं, लेकिन कई बार हमें उनके बारे में पता ही नहीं होता!

पीएम ने आगे कहा कि हमारे देश में अब मॉनसून का सीजन भी आ गया है। बादल जब बरसते हैं तो केवल हमारे लिए ही नहीं बरसते, बल्कि बादल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बरसते हैं। इसलिए मैं जल संरक्षण को देश सेवा का ही एक रूप मानता हूं।

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