कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका और उत्तराखंड में लगातार आ रहे पर्यटकों की भारी संख्या को देखते हुए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 2021 की कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया। इस दौरान विशेषज्ञों की राय भी ध्यान में रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के जीवन की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। साल 2020 में भी कोरोना के चलते कावड़ यात्रा रद्द कर दी गई थी।
नवोदित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा महज उत्तराखंड का विषय नहीं। इसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से शिवभक्त शामिल होते हैं और कोरोना के चलते पैदा होने वाले खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह श्रद्धा और आस्था से जुड़ा आयोजन है। लेकिन हमें यह ध्यान भी रखना होगा कि कोरोना संक्रमण न फैले। कोरोना की वजह से श्रद्धालुओं के जीवन को किसी तरह का खतरा न हो।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए ही कांवड़ यात्रा को रदद करने का निर्णय लिया गया है। अप्रैल में हरिद्वार कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे। इस दौरान कोरोना की स्थित बिगड़ी थी। इसी को देखेते हुए कांवड़ यात्रा को रद करने की चर्चा हो रही थी। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा इस साल होने की घोषणा की थी। लेकिन उत्तराखंड सरकार ने इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया था। उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा रद्द करने की लगातार मांग हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग का मानना था कि अगर यात्रा आयोजित होगी तो इससे कोरोना संक्रमण के व्यापक पैमाने पर बढ़ने की संभावना बनेगी।


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