Home उत्तराखंड न्यूज़ 22 महिलाओं को तीलू रौतेली सम्मान, अब 51 हजार होगी पुरस्कार राशि, ओलंपिक हॉकी स्टार वंदना होंगी महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एंबेसडर
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

22 महिलाओं को तीलू रौतेली सम्मान, अब 51 हजार होगी पुरस्कार राशि, ओलंपिक हॉकी स्टार वंदना होंगी महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एंबेसडर

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागर में इन पुरस्कारों के लिए चयनित महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हर क्षेत्र में मातृ शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में अनेक कार्य किए जा रहे हैं।

22 महिलाओं एवं 22 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रविवार को उत्तराखंड सरकार की ओर से सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ और ‘आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार’ वितरित किए। इस अवसर पर सीएम धामी ने अगले वर्ष से तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की धनराशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये करने का ऐलान किया। भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया उत्तराखंड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एम्बेसेडर होंगी। तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्तकताओं को 31 हजार रुपये की सम्मान धनराशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार के तहत 21 हजार रूपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

सीएम धामी ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागर में इन पुरस्कारों के लिए चयनित महिलाओं को सम्मानित किया। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हर क्षेत्र में मातृ शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। उत्तराखंड अलग राज्य निर्माण की मांग के लिए महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मातृ शक्ति को नमन करते हुए कहा कि कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू की गई है। कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या सरंक्षक को खोया है, उनको राज्य सरकार प्रति माह 03 हजार रुपये, एवं निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थित मजबूत होनी जरूरी है। बच्चों के शुरूआती चरण के विकास में आंगनबाडियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। माता-पिता के बाद बच्चों को संस्कार देने के शुरूआत आंगनबाड़ी से ही होती है।

धामी ने कहा कि जो लोग सीमित संसाधन होने पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हैं, उनकी अलग ख्याति होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका जीवन सामान्य परिस्थितियों में बीता, लेकिन आज उनकी कार्यशैली से भारत को वैश्विक पटल पर एक अलग पहचान मिली है। आज देश हर क्षेत्र में तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि प्रारम्भिक शिक्षा के दौरान हम भी तख्ती (पाटी) पर लिखते थे। जिसके लिए चूने का घोल इस्तेमाल किया जाता था।

उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि मातृ शक्ति को इन योजना का लाभ मिले। राज्य में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना चलाई जा रही है, जिसमें गर्भवती महिलाओं एवं नवजात कन्या शिशु के लिए किट दी जा रही है। राज्य सरकार जनता के साथ साझीदार की भूमिका में कार्य कर रही है। समाज के हर वर्ग के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली राज्य की चयनित महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी में अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मात्र 15 वर्ष की आयु में ही वे रणभूमि में कूद पड़ी थी। उन्होंने बहुत कम आयु में सात युद्ध लड़े। यह दिन प्रदेश की महिलाओं को सम्मानित करने का सबसे अच्छा दिन है। तीलू रौतेली ने जिस वीरता का परिचय दिया, आज यह हमारे सामने एक इतिहास है।

राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोविड के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की वेशभूषा में प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि सीएम धामी जी के पिताजी ने आंगनबाड़ी केंद्र के लिए अपनी जमीन दान दी थी।

तीलू रौतेली पुरस्कार

डा. राजकुमारी भंडारी चौहान, श्रीमती श्यामा देवी, श्रीमती अनुराधा वालिया, डा. कंचन नेगी, सुश्री रीना रावत, सुश्री वंदना कटारिया, सुश्री चंद्रकला तिवाड़ी, श्रीमती नमिता गुप्ता, श्रीमती बिंदुवासिनी, सुश्री रूचि कालाकोटी, सुश्री ममता मेहता, कु. अंजना रावत, श्रीमती पार्वती किरौला, कु. कनिष्का भंडारी, श्रीमती भावना शर्मा, श्रीमती गीता जोशी, श्रीमती बबीता पुनेठा, श्रीमती दीपिका बोहरा, कु. दीपिका चुफाल, श्रीमती रेखा जोशी, श्रीमती रेनू गड़कोटी, सुश्री पूनम डोभाल।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार

श्रीमती गौरा कोहली, श्रीमती पुष्पा प्रहरी, श्रीमती पुष्पा पाटनी, श्रीमती गीता चंद, कुमारी गलिस्ता, सुश्री अंजना, श्रीमती संजू बलोदी, कु. मीनू, सुश्री ज्योतिका पांडे, सुश्री सुमन पंवार, सुश्री राखी, सुश्री सुषमा गुसांई, श्रीमती आशा देवी, श्रीमती दुर्गा बिष्ट, श्रीमती सोहनी शर्मा, श्रीमती वृंदा, सुश्री प्रोन्नति विस्वास, सुश्री हन्सी धपोला, सुश्री गायत्री दानू, श्रीमती हीरा भट्ट, श्रीमती सुषमा पंचपुरी, श्रीमती सीमा देवी।

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