उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और राज्य के सेब को पहचान दिलाने के लिए एप्पल मिशन को दी जाने वाली धनराशि दोगनी करने का ऐलान किया है। सीएम धामी ने रेंजर ग्राउंड में तीन दिन के अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की।
सीएम धामी ने कोरोना काल में औद्यानिकी एवं बागवानी के विकास से जुड़े कार्मिकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने की भी घोषणा की। साथ ही कहा कि प्रदेश में उद्योगों के साथ ही उद्यान एवं बागवानी के विकास के लिए अनुकूल नीति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नए उद्यानों की स्थापना तथा उनके बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देने पर बल देते हुए कृषि वैज्ञानिकों से राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल कृषि एवं बागवानी के विकास के लिए शोध एवं अनुसंधान पर ध्यान देने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब पौष्टिकता से युक्त फल है। हमारा सेब उत्पादन आगे बढ़े तथा देश-दुनिया में इसकी पहचान बने, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से हमारे सेब उत्पादकों तथा बागवानी से जुड़े किसानों को नए अवसर प्रदान करने तथा प्रधानमंत्री मोदी के किसानों एवं बागवानों को खुशहाल बनाने के संकल्प को भी पूरा करने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा भी राज्य में कृषि एवं बागवानी के विकास में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई तकनीक के बल पर सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल से अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर उसके निर्यातक बनें। उन्होंने इस दिशा में समेकित प्रयासों की भी जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों, नौजवानों, समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है, इसके लिये जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सरलीकरण के साथ समाधान एवं निस्तारण तथा संतुष्टि के भाव के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर आयोजित प्रदर्शनी एवं स्टालों का भी अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों से भी जानकारी प्राप्त की।

कृषि एवं उद्यान में मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह आयोजन राज्य के सेब उत्पादन एवं बागवानी के विकास मे मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल के साथ हमारे सेब की पहचान बने इसके लिए क्वालिटी एवं पैकिंग पर ध्यान दिया गया है। आधुनिक तकनीक एवं उपकरणों के साथ कृषि वैज्ञानिकों को भी इससे जोड़ा गया है ताकि बेहतर अनुसंधान के बल पर हमारे उत्पादों की पहचान बन सके।
निदेशक उद्यान डॉ. एच.एस. बवेजा ने बताया कि प्रदेश को उद्यान प्रदेश बनाने की कार्य योजना तैयार की गई है। इसके लिए 1690 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हमारे किसान आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बागवानी के विकास में सहयोगी बनें इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक महेश नेगी, पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा आदि उपस्थित थे।


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