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शहीद नायक दीपक नैनवाल की पत्नी ज्योति बनीं सेना में अफसर, कई और वीरांगनाएं पहन चुकी हैं सैन्य वर्दी

उत्तराखंड को ऐसे ही वीरों की भूमि नहीं कहा जाता है। इस भूमि के कई वीरों ने अपनी जान की बाजी लगाकर देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दी है। इन्हीं वीरों में से एक नाम देहरादून के हर्रावाला के रहने वाले नायक दीपक नैनवाल का भी है। जिन्होंने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहूति दे दी थी और अब पति के पद्चिन्हों पर चलकर पत्नी भी देश सेवा के लिए तैयार हैं। ज्योति नैनवाल आज चेन्नई स्थित आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से पास आउट हो गई हैं। शहीद दीपक नैनवाल के दो बच्चे हैं बेटी लावण्या और बेटा रेयांश।

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए नायक दीपक नैनवाल की पत्नी ज्योति नैनवाल अब सेना में शामिल हो गई हैं। ज्योति ने अपने चौथे प्रयास में एसएससी परीक्षा पास की थी। ज्योति ने अपने पति की शहादत को एक प्रेरणा के रूप में लिया और सेना में जाने का निर्णय लिया।

दीपक नैनवाल की इच्छा थी कि उनकी पत्नी सेना में अधिकारी बनें। इसके लिए उनकी पत्नी ने काफी मेहनत की है। ज्योति ने चौथे प्रयास में सबसे कठिन शारीरिक और मनौवैज्ञानिक परीक्षाओं में से एक एसएसबी पास कर अपने ससुराल वालों की परंपरा को जारी रखा।

दीपक नैनवाल 10 अप्रैल 2018 दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगने से घायल हो गए थे। दीपक का इलाज पहले दिल्ली के सेना अस्पताल में किया गया। उसके बाद उन्हें पुणे भेजा गया था। दीपक ने पुणे में ही इलाज के दौरान 22 मई 2018 को आखिरी सांस ली।

शहीद की पत्नी ज्योति जानती थीं कि इससे आगे भी एक दुनिया है। ऐसे में उन्होंने अपने लिए एक नई राह चुनी और पति की ही तरह देश सेवा का संकल्प लिया। नैनवाल परिवार की तीन पीढ़ियां सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इनसे पहले भी देवभूमि से कई वीरांगनाओं ने अपनी पति की शहादत के बाद सेना में जाने का निर्णय लिया। जिनमें शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल की पत्नी निकिता, शहीद शिशिर मल्ल की पत्नी संगीता और शहीद अमित शर्मा की पत्नी प्रिया भी पति की शहादत के बाद भारतीय सेना का हिस्सा बनी हैं। इन सभी वीरांगनाओं के हौसलों की जितनी भी तारीफ की जाए कम होगी।

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Hill Mail

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