मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकाप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत व अन्य अधिकारियों की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री आवास में विधानमंडल दल की बैठक हुई इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर जनरल रावत का भावपूर्ण स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनरल रावत का निधन देश व उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका आकस्मिक निधन स्वयं उनके लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा कि वे सर्वोच्च सेना अधिकारी होने के साथ ही सादगी व सरलता की भी प्रतिभूति थे। देश की सीमाओं की सुरक्षा एवं देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा लिये गये साहसिक निर्णयों एवं सैन्य बलों के मनोबल को सदैव ऊंचा बनाये रखने के लिए उनके द्वारा दिये गये योगदान को देश सदैव याद रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत की परवरिश उत्तराखंड के छोटे से गांव में हुई। वे अपनी विलक्षण प्रतिभा, परिश्रम तथा अदम्य साहस एवं शौर्य के बल पर सेना के सर्वोच्च पद पर आसीन हुए तथा देश की सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं भारतीय सेना को नई दिशा दी। उनके आकस्मिक निधन से उत्तराखंड को भी बड़ी क्षति हुई है। हम सबको अपने इस महान सपूत पर सदैव गर्व रहेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड से भी जनरल रावत का विशेष लगाव था। राज्य के विकास की उनकी सोच थी। अभी हाल ही में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी पत्नी के साथ वे देहरादून आये थे, उनका आकस्मिक निधन उत्तराखंड के लिए बड़ा ही दुःखद है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ हरक सिंह रावत, बंशीधर भगत, सुबोध उनियाल, बिशन सिंह चुफाल, स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक हरवंश कपूर, हरभजन सिंह चीमा सहित अन्य विधायकगणों ने भी जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।




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