दिल्ली मेें उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली में उत्तराखण्ड के स्थानीय आयुक्त एकीकृत भवन का लोकार्पण किया। पांच सौ इकसठ स्क्वायर मीटर के क्षेत्रफल में निर्मित भवन के निर्माण पर कुल 11 करोड़ रूपये के लागत से बनाया गया। 4 करोड़ रूपये में इस जमीन को खरीदा गया और 7 करोड़ रूपये इस भवन को बनाने में लगे। उक्त भवन राज्य के विकास में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर सम्मिलित होगा। मुख्यमंत्री ने स्थानिक आयुक्त, विनिवेश आयुक्त, राज्य सूचना केन्द्र, उत्तराखण्ड पर्यटन, उत्तराखण्ड भुगतान एवं लेखा कार्यालय आदि सभी कार्यालयों को इस एकीकृत भवन को दिल्ली में रह रहे उत्तराखण्ड के नागरिकों व कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों को समर्पित किया।
भवन का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दिल्ली में कार्य कर रहे कर्मचारी व अधिकारी एक छत के नीचे संगठित होकर बेहतर ढंग से काम करेंगे साथ ही प्रत्येक विभाग दिल्ली में प्रवासी उत्तराखण्डियों को उत्तराखण्ड सरकार की सभी समाज कल्याण की योजनाओं और सुविधाओं को कुशल रूप से लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। सभी तरह की पूछताछ के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने एकीकृत भवन के निर्माण में उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक के साथ उत्तराखण्ड की संस्कृति से लोगों को जोड़कर कार्य करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के इस भवन में सभी कार्य उत्तराखण्ड के लोगों के अधिकतम हितों के लिए किये जायें। साथ ही इस भवन की पहचान दिल्ली में होने के बाद भी उत्तराखण्ड संस्कृति से परिपूर्ण होनी चाहिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ‘मेरा गांव मेरा धन’ योजना का भी जिक्र किया। इस योजना के तहत कोई भी उत्तराखण्ड का व्यक्ति अगर वहां पर कोई भी इमारत, स्कूल, आंगनबाडी आदि को बनाता है तो सरकार की ओर से उसको काफी मदद मिलेगी और स्कूल या भवन का नाम वह अपने किसी भी परिचित के नाम से भी रख सकता है।
इस मौके पर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने दिल्ली से संचालित कार्यालयों को और कार्यकुशल बनाने के लिए सभी कार्यालयों को आॅनलाइन सुविधा से जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हफ्ते में एक बार अनेक मंत्रालयों के अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की जायेगी इन बैठकों से कार्य की गति को तेज किया जायेगा। इसके अलावा यहां से सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जायेगा। इस भवन से उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक तथा पर्यटन की झलक भी देखने को मिलेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड निवास को तोडकर दोबारा बनाया जायेगा तथा पहले इसमें 24 कमरे थे और अब इसमे 48 कमरे बनाये जायेंगे। इस भवन की नींव पहले नवरात्रा को रखी जायेगी। इस भवन को बनाने का लक्ष्य 18 महीने का रखा गया है लेकिन राकेश शर्मा ने कहा कि हम इसको 12 महीने में ही बनाने का प्रयास करेंगे।
हिलमेल ब्यूरो


Leave a comment