Friday , 4 September 2026
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तेलंगाना के बाद उत्तराखंड दूसरा राज्य जहां एम पेक्स के कम्प्यूटीकरण की प्रक्रिया शुरू

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहाकारिता की मूल अवधारणा है कि उसमें सबका सहयोग हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप प्रदेश भी डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर बढ़ रहा है। इसका ही प्रतिफल है कि इसके माध्यम से लाभार्थी को पूरी की पूरी धनराशि डीबीटी के माध्यम से उसके खाते में जमा हो रही है इससे चोर बाजारी के रास्ते भी बन्द हुए है, जबकि इस सम्बन्ध में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने कहा था कि यदि किसी लाभार्थी को दिल्ली से 100 रूपये स्वीकृत होते हैं तो लाभार्थी तक 15 रूपये ही पहुंच पाते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से इस व्यवस्था में बदलाव आया है। अब लाभार्थी को शत प्रतिशत धनराशि प्राप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना के बाद उत्तराखंड दूसरा राज्य है जहां 670 पेक्स के कम्प्यूटीकरण की प्रक्रिया गतिमान है जिनमें से 108 एम पेक्स का कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, इसके तहत राज्य सरकार द्वारा सहकारी बैंक एवं नाबार्ड के सहयोग से 37.52 करोड़ की लागत से इन प्राथमिक सहकारी संस्थाओं को डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने के प्रयास किये गये हैं। यह डिजिटल इंडिया के क्रियान्वयन में भागीदारी सुनिश्चित करने का भी सार्थक प्रयास है। एम. पैक्स कम्प्यूटरीकरण से खातां को आनलाइन किये जाने तथा समिति के सदस्यों के लगभग 10 लाख से अधिक खातों को डिजिटल प्लेटफार्म पर आने से राज्य के 30 लाख से अधिक ग्रामीण जन लाभात्वित होंगे। हमारी इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा भी गया है। सहकारिता के क्षेत्र में उठाये गये सुधारात्मक कदम बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में पहचान बनाये इसके प्रयास हो।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना पिछले वर्ष केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के कर कमलों द्वारा शुरू की गई थी। हमारी माताओं बहनों जिनकों अपने पशुओं के घास के लिये दूर-दूर जाना पड़ता है तथा आपदा का सामना करना पड़ता है, उन सबको इससे निजात कैसे मिल सकती है इन सभी का समाधान है मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पशुपालकों को पोषण प्रणाली में हो रहे प्रौद्योगिक विकास से जोड़ते हुये मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अन्तर्गत उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों के पशुपालकों को पैक्ड सायलेज उनके घर पर उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जा रही है साथ ही सायलेज उत्पादक एवं विपणन सहकारी संघ लि. के द्वारा टीएमआर यूनिट के शिलान्यास से पशुपालकों को फायदा होगा। इस योजना का उद्देश्य एक लाख से अधिक महिलाओं लाभार्थियों को रियायती दरों पर सायलेज फीड ब्लॉक उपलब्ध कराकर चारे के बोझ से मुक्त किया जा रहा है जिससे पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की पैदावार में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा स्व निधि योजना, मुद्रा योजना के साथ ही सामाजिक पैंशन, कृषि, बागवानी, औद्यानिकी आदि की योजनाओं का लाभ तत्परता से सभी सम्बन्धित को प्राप्त हो इसके लिये हम प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समस्याओं को अटकाने में नही बल्कि समाधान का है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाये उत्तराखंड के नव निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगी। इस सम्बन्ध में सभी विभागों द्वारा 2025 तक का रोड मेप तैयार किया जा रहा है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाकर ही प्रदेश आगे बढ़ सकता है। हर जरूरत मंद को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो इसके लिये सरलीकरण समाधान एवं निस्तारण के मंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण भी वितरित किये गये जिनमें शंभु महिला समूह, राधेस्याम महिला समूह, मां पार्वती महिला समूह व हेमा महिला समूह को पाचं-पांच लाख रूपये के ऋण प्रदान किये गये।

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Hill Mail

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