Friday , 4 September 2026
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उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वाल

प्राकृतिक आपदा के दौरान कितने तैयार हैं हम, इसके लिए आज आपदा प्रबंधन के अंतर्गत भूकम्प आधारित थीम पर मॉक ड्रिल का आयोजन

एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) के तत्वाधान और मार्गदर्शन में भूकंप आधारित थीम पर आयोजित किये गये मॉक ड्रिल में जनपद में 2 स्थानों पर ननकोट तथा पौड़ी बस अड्डा को घटना स्थल के तौर पर चिन्हित किया गया। जहां पर भूकंप के चलते ननकोट में दो भवन क्षतिग्रस्त हुए, जिसमें से एक में 5 लोग फसे होने की सूचना प्राप्त हुई तथा दूसरा स्कूल भवन जो पहाड़ की उचांई पर स्थित था वहां पर 5 से 6 विद्यार्थियों की फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई। दूसरी ओर पौड़ी बस अड्डे में भूकंप से बस अड्डा क्षतिग्रस्त होने से वाहन के उपर मलवा व लकड़ी की सामाग्री गिरने से 4 से 5 लोग फंस गये थे।

उपरोक्त घटनाओं की सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ट पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पांडे, एनडीआरएफ उप कमांडेंट अमित पाठक सहित आइआरएस से जुड़े सभी अधिकारी व कार्मिक जनपद में स्थापित किये गये स्टेजिंग एरिया कंट्रोल रूम रांसी स्टेडियम में अपने-अपने संसाधनों से पहुंचे तथा जनपद आपदा कंट्रोल रूम आपदा के संबंध में लगातार अपडेट देता रहा।

जिलाधिकारी के नेतृत्व में स्टेजिंग एरिया से अलग-अलग राहत और बचाव टीमों को घटना स्थल की ओर संसाधनों सहित दिशा-निर्देश दिते हुए रवाना किया। ननकोट में सभी लोगों को रेस्क्यू किया गया। पहले भवन में दबे 5 लोगों में 4 लोग सामान्य रूप से तथा 1 गंभीर रूप से घायल था तथा दूसरे भवन में स्कूली बच्चों को पहाड़ी के रास्ते एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर पुलिस द्वारा रस्सी के सहारे रेस्क्यू किया गया तथा सामान्य रूप से घायलों व गंभीर घायलों को चिकित्सा प्रदान करने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। दूसरी ओर पौड़ी बस अड्डे में 3 घायल हुए लोगों को रेस्क्यू किया गया तथा एक मृतक व्यक्ति का पुलिस द्वारा पंचनामा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोस्टर्माटस की कार्यवाही सम्मपन्न की गई

दोनों घटना स्थलों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर पुलिस, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, पेयजल निगम, खाद्य सुरक्षा, नगर पालिका, विद्युत विभाग सहित समस्त विभागीय अधिकारी अपने-अपने संसाधनों के साथ घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में उपस्थित रहे।

आपदा प्रबंधन का राहत एवं बचाव कार्य सम्पन्न होने के बाद स्टेजिंग ऐरिया रांसी स्टेडियम में डी-ब्रिफिंग (पुर्नसमीक्षा) का अयोजन किया गया। जिसमें आपदा प्रबंधन के दौरान विभिन्न बिदुंओं पर सामने आई फिडबैक और अुनभवों को साझा किया गया तथा भविष्य में इसको और बेहतर सुधार करने के बारे में बताया गया।

इससे पूर्व जिलाधिकारी द्वारा घटना स्थल ननकोट में आइआरएस टीम के सदस्यों को ब्रिफ करते हुए बताया कि आज की मॉक ड्रिल संतोषजनक रही फिर भी बेहतर रिस्पोंस करने की गुंजाइस बनी हुई थी। उन्हांंने कहा कि मॉक ड्रिल को वास्तविक आपदा के तौर पर लेना चाहिए तथा उसी अनुरूप मौसम के अुनसार वेषभूषा, पहनाव, खान-पान के जरूरी संसाधन तथा बरसात व रात्री को दृष्टिगत रखते हुए ठहरने के इंतजाम और आवागमन के संसाधन इत्यादि को भी 24 घंटे के भीतर तैयार रखे जाना चाहिए।

वरिष्ट पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने इस दौरान कहा कि राहत एवं बचाव के दौरान घायलों में से किन लोगों को पहले चिकित्सा उपलब्ध करानी है इसका त्वरित निर्णय लेना तथा घायल हुए लोगों की दशा के अनुसार इस तरह से उनकों कैरी किया जाए जिससे उनको कोई दूसरी तहर का अधिक नुकशान न होने पाए इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डी ब्रिफिंग का नेतृत्व करते हुए आइआरएस के सभी सदस्यों से फीडबैक प्राप्त की गई तथा प्रभावी पर्यवेक्षण का कार्य संपादित किया गया। उप कमांडेंट एनडीआरएफ अमित पाठक ने आज की मॉक ड्रिल को बेहतर बताते हुए कहा कि सभी विभागों का बेहतर समन्वय था। सभी समय पर अपने-अपने संसाधनों सहित घटना स्थल पर पहुंचे तथा काफी हद तक बेहतर ढंग से राहत एवं बचाव कार्यो को संपादित किया। उन्होंने आइआरएस की आज की मॉक ड्रिल को बहुत ही बेहतरीन बताया तथा घटना स्थल को रियल सिनैरियों के हिसाब से विकसित किया गया था।

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