Friday , 4 September 2026
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बेंगलुरु में आपदा मित्र योजना की राष्ट्रीय कार्यशाला में कई राज्यों के अधिकारी हुए शामिल, एमआईएस पोर्टल और आपदा मित्र मोबाइल ऐप हुआ लॉन्च

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई द्वारा कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इसमें कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक, मुख्य सचिव वंदिता शर्मा, एनडीएमए के सदस्य राजेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव एस आर उमाशंकर, संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी और एनडीएमए तथा कर्नाटक सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने भाग लिया। कार्यशाला में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के नोडल अधिकारियों सहित प्रतिनिधियों ने भाग लिया (32 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भौतिक रूप से उपस्थित थे और 3 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऑनलाइन उपस्थित थे)।

केएसएनडीएमसी के आयुक्त डॉ. मनोज राजन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और कुणाल सत्यार्थी, संयुक्त सचिव, एनडीएमए ने परिचयात्मक भाषण दिया। उद्घाटन सत्र के दौरान राजेंद्र सिंह ने आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेष भाषण दिया। उन्होंने अपने सम्बोधन में स्वयंसेवा का किसी भी आपदा के दौरान की जरुरत के बारे मे विस्तारपूर्वक बताया।

किसी भी आपदा या आपात स्थिति के मामले में, सरकारी मशीनरी और सहायता के पहुंचने या बाहरी मदद मिलने से पहले, समुदाय को तुरंत प्रतिक्रिया देनी होती है। चूंकि समुदाय ही सबसे पहले आपदा में पीड़ित होता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि समुदाय स्तर पर पर्याप्त जागरूकता और तैयारी हो, विशेष रूप से देश के ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच जो प्राकृतिक खतरों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। उन्होंने इसके लिये समाज और लोकल लेवल में आपदाओं के जोखिम को कम करने में आपदा मित्र योजना पर जोर दिया।

इस अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने आपदा मित्र योजना के लिए एमआईएस पोर्टल लॉन्च किया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि मानव जीवन और उनकी आजीविका पर आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए पूरे देश में आपदा प्रबंधन प्रणाली के मानकीकरण पर जोर दिया। आपदाओं के जोखिम को कम करने में प्रत्येक व्यक्ति के प्रयासों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री बोम्मई ने आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवा की अवधारणा को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आपदा मित्र योजना के उन्नयन और कार्यान्वयन के लिए एनडीएमए को बधाई दी। 

कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक ने उद्घाटन सत्र के दौरान आपदा मित्र मोबाइल ऐप लॉन्च किया। कर्नाटक की क्षेत्रीय भाषा में आपदा मित्र के प्रशिक्षण पर हैंडबुक का विमोचन वंदिता शर्मा, मुख्य सचिव, कर्नाटक सरकार द्वारा किया गया। एनडीएमए सदस्य राजेन्द्र सिंह ने सत्र के दौरान आपदा मित्र एमआईएस पोर्टल जारी की। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव एस आर उमाशंकर ने कार्यक्रम के दौरान आपदा मित्र स्वयंसेवकों के लिए बीमा प्रमाणपत्र जारी किया। उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्र हुए।

पहला तकनीकी सत्र एनडीएमए सदस्य राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में और सह अध्यक्षता बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सदस्य पी.न. राई द्वारा किया गया इसमें एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार नवल प्रकाश द्वारा योजना के प्रमुख घटकों पर प्रकाश डालते हुए एक प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ। अपनी प्रस्तुति के दौरान उन्होंने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भी सराहना की जो इस योजना को सफलतापूर्वक लागू कर रहे हैं और बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी कार्यान्वयन में तेजी लाने का आग्रह किया।

न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की मुख्य महाप्रबंधक अनीता शर्मा ने अपनी प्रस्तुति देते हुए बीमा उत्पाद की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला जोकि विशेष रूप से आपदा मित्र स्वयंसेवकों के लिए डिज़ाइन किया गया।

इस सत्र के दौरान डॉ मनोज राजन आयुक्त, केएसएनडीएमसी ने एमआईएस और मोबाइल ऐप के महत्व, उद्देश्य और प्रमुख विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि एमआईएस पोर्टल योजना के कार्यान्वयन की प्रगति के विभिन्न चरणों को दर्शाएगा और प्रशिक्षित आपदा मित्र का विवरण भी देगा। इस पोर्टल की सहायता से योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करना बहुत आसान हो जाएगा। सत्र के दौरान 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, अर्थात असम, बिहार, गोवा, कर्नाटक, मेघालय, मिजोरम, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा ने आपदा मित्र योजना के उन्नयन के तहत अपने अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रस्तुत किया।

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Hill Mail

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