Home उत्तराखंड न्यूज़ शहीदों ने राज्य के लिए जो सपने देखे थे वह हम भूल गये
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरसरोकार

शहीदों ने राज्य के लिए जो सपने देखे थे वह हम भूल गये

इस राज्य के लिए शहीद हुए लोगों के सपनों को हमने 22 वर्षों में ही मिट्टी में मिला दिया है। ऐसा राज्य देखने के लिए हमारे लोगों ने गोली खाई होगी ? इसके लिए लड़े होंगे! 1 सितंबर को खटीमा गोलीकांड और 2 सितंबर को मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए लोगों को हम याद कर रहे हैं।

डॉ प्रकाश उप्रेती

इस राज्य के लिए शहीद हुए लोगों के सपनों को हमने 22 वर्षों में ही मिट्टी में मिला दिया है। ऐसा राज्य देखने के लिए हमारे लोगों ने गोली खाई होगी ? इसके लिए लड़े होंगे! 01 सितंबर को खटीमा गोलीकांड और 02 सितंबर को मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए लोगों को हम याद कर रहे हैं। परन्तु आज हम अपने शहीदों की शहादत को भूलते जा रहे हैं। उस सपने को हम भूल रहे हैं जो उन्होंने उत्तराखंड राज्य के लिए देखा था।

अदला-बदली की सरकारों ने उत्तराखंड को खंड-खंड कर दिया है। आज उत्तराखंड भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। यहां हर विभाग और हर नेता के बगल में एक हाकम सिंह बैठा है। हाकम व्यक्ति नहीं प्रवृत्ति बन चुकी है। आज कई हाकम तो विधान सभा में चुन कर बैठे हैं। वह बड़ी बेशर्मी से भ्रष्टाचार को प्रक्रिया और विशेषाधिकार बात रही है।

आज अगर प्रदेश का युवा सड़कों पर अपने हक, सपनों, अधिकार, मुस्तकबिल और भविष्य के लिए नहीं निकला तो कल को ये नेता पेपर लीक करवाने को भी विशेषाधिकार घोषित कर देंगे। तब क्या करोगे ? न्ज्ञैैब् पेपर लीक के मामले से लेकर विधानसभा में भर्ती घोटाले तक में इस बेशर्मी को हमने देख ही लिया है।

सेंटर फार मानीटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआइई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में उत्तराखंड की बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत है। इस समय प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या तकरीबन आठ लाख 39 हजार 697 है। इन हालातों के बावजूद सरकार उत्तराखंड की जवानी के भविष्य के साथ खेल रहे हैं।

इस खेल को रोकने के लिए आपको ही सड़कों पर निकलना होगा। नहीं तो ये जवानी लाइब्रेरी में, खेतों में, डन-खनो में, गधेरों में, उत्तरकाशी में, देहरादून के तंग कमरों में, अल्मोड़ा में, पिथौरागढ़ में, टिहरी में, चंपावत में, चमोली में, नैनीताल में तैयारी करती रहेगी और इधर सरकार द्वार पोषित कोई हाकम सिंह आएगा और आपकी मेहनत पर पानी फेर देगा, आपके सपनों को चकनाचूर कर देगा, आपके भविष्य को अंधकार में धकेल देगा।

फैसला अब आपको करना है?…

गिर्दा ने लिखा है –

खटीमा, मसूरी मुजेफरें कें, हम के भूलि जूलो।
हम लड़ते रयां बैणी, हम लड़ते रूलो।
हम लड़ते रुला, चेली हम लड़ते रूलो।।
कस होलो उत्तराखंड, कस हमारा नेता।
कसी होली विकास नीति, कसी होली ब्यवस्था।
जड़ी कंजड़ी उखेलि भलीके, पूरी बहस करूलो।।
हम लड़ते रुला, चेली हम लड़ते रूलो।।

(ये लेखक के अपने विचार हैं)

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...