अब अंकिता भंडारी मर्डर केस की गाज पुलकित आर्य के पिता विनोद आर्य और उसके भाई अंकित आर्य पर गिरी है। बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है और अब बीजेपी सरकार ने उन्हें पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष पद से भी निकाल दिया। अंकित आर्य बीजेपी सरकार में पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष थे।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता व पूर्व दर्जा धारी राज्य मंत्री विनोद आर्य और भाई बताया जा रहा है कि अंकित की नियुक्ति इसी साल चुनाव आचार संहिता लगने से ठीक एक दिन पहले सात जनवरी को गई थी। लेकिन इस मामले में पुलकित आर्य की भूमिका सामने आने के बाद सरकार और संगठन पर कार्यवाही का दबाव बढ़ गया था।

इसके बाद सरकार ने अंकित आर्य को तत्काल प्रभाव से पद मुक्त कर दिया है और बीजेपी ने अंकित आर्य और विनोद आर्य को पार्टी से निकाल दिया है। इसके साथ ही सरकार ने अवैध रूप से बने उनके रिजॉर्ट के कुछ हिस्से को भी गिरा दिया है।
पिछले कुछ दिन से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद आज सुबह चीला बैराज रेंज से एक शव मिला था। जिसकी अंकिता के परिजनों के समक्ष शिनाख्त कराई गई और उसकी पहचान अंकिता भंडारी के रूप में की गई।

डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने संबंधित अधिकारियों को शव के पोस्टमार्टम करने के निर्देश दिए हैं। जिस क्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में चिकित्सा टीम के द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी यशवंत सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे।
डीएम डॉ विजय कुमार जोगदंडे के सख्त निर्देशों के क्रम में तहसील यमकेश्वर के गंगा भोगपुर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट के अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर कार्रवाई चल रही है। इस संबंध में पुलिस की विवेचना अभी गतिमान है तथा रिसॉर्ट को सील कर दिया गया है।

डीएम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान द्वारा स्वयं अंकिता के परिजनों से मुलाकात करते हुए उनको शासन – प्रशासन की ओर से उक्त घटना के संबंध में गंभीरता से और तेजी से कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। परिजनों द्वारा उक्त घटना के संबंध में की जा रही कार्रवाई से संतुष्टि व्यक्त की है।
इसके साथ ही डीएम ने सामान्य जनमानस से अपील की है कि चूंकि अभी पुलिस की जांच और विवेचना गतिमान है। इसलिए उन्होंने सभी लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा है कि ऐसा कोई भी कृत्य ना करें जिससे जांच प्रभावित हो।
आसपास के रहने वाले लोगों का कहना है कि गंगा भोगपुर के आसपास के कई जगहों पर जो रिजॉर्ट बने हुए हैं वह बिना प्रशासन की अनुमति और जिस तरह से उनका निर्माण कार्य किया गया है वह नियमों के तहत नहीं बने हुए हैं। अगर समय रहते ऐसे रिसॉर्ट पर सरकार कार्रवाई कर देती तो शायद ऐसी घटना न होती।


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