इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने द्रोपदी का डांडा 2 पर्वत में घटित घटना के प्रत्यक्षदर्शी प्रशिक्षक आकाश सराफ निवासी महाराष्ट्र का हालचाल जाना एवं घटना स्थल की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही घायलों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए।
निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन द्वारा बताया गया कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी के एडवांस कोर्स नंबर 172 के द्रोपदी के डांडा 2 पर्वत ऊंचाई 5670 मीटर के समिट/आरोहण के दौरान वापस आते समय लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई के आस-पास हिमस्खलन आने के कारण फंसे पर्वतारोही प्रशिक्षणार्थी, प्रशिक्षक का एयर फोर्स आदि हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू किया गया। उक्त घटना में अब तक 15 लोगों को मातली लाया गया है। जिसमें 5 सामान्य घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है एवं 10 लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
1 – सूरज सिंह पुत्र जयपाल सिंह, उत्तरकाशी प्रशिक्षु
2 – रोहित भट्ट पुत्र जगदम्बा प्रसाद, टिहरी गढ़वाल, प्रशिक्षु
3 – सुनील तालवानी पुत्र बाल चन्द तालवानी, महाराष्ट्र, प्रशिक्षु
4 – दीप सिंह पुत्र कन्हैया लाल, गुजरात, प्रशिक्षु
5 – अकाश पुत्र चुन्ना लाल, मुम्बई, प्रशिक्षु
6 – अनिल कुमार पुत्र विधावर प्रशिक्षक
7 – कंचन सिंह पुत्र मेहरबान सिंह, निवासी चमोली, प्रशिक्षु
8 – अकिंत पुत्र बैचेन कण्डियाल, देहरादून, प्रशिक्षु
9 – प्रदीप पुत्र तरूण कुमार, वेस्ट बंगाल, प्रशिक्षु
10 – रेखा पुत्री केएस अग्निहोत्री उत्तरकाशी (इंस्ट्रेक्टर)
11 – बाबिता पुत्री उत्तम सिंह, उत्तरकाशी, (इंस्ट्रेक्टर)
12 – राकेश पुत्र उत्तम सिंह, (इंस्ट्रेक्टर) उत्तरकाशी
13 – अंकुश पुत्र निलेश शर्मा देहरादून प्रशिक्षु
14 – मनीष अग्रवाल पुत्र आशोक अग्रवाल दिल्ली, प्रशिक्षु
15 – दिगम्बर सिंह पुत्र राजमोहन सिंह निवासी उत्तरकाशी समेत सभी को सकुशल लाया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कुल प्रशिक्षक/ प्रशिक्षणार्थी 61 थे जिसमें 54 प्रशिक्षणार्थी एवं 7 प्रशिक्षक थे। द्रोपदी का डांडा प्रशिक्षण में कुल 41 प्रशिक्षक / प्रशिक्षणार्थियों थे। जिसमें प्रशिक्षणार्थी 34 एवं 7 प्रशिक्षक थे। जिसमें 25 प्रशिक्षणार्थी और 5 प्रशिक्षक कुल 30 सकुशल है। जबकि 27 प्रशिक्षक लापता है। वर्तमान तक 4 लोगों की मृत्यु हुई है।
अध्यक्ष आपदा प्रबंधन प्राधिकरण/डीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि रेस्क्यू कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए हर सेक्टर पर जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। जिला अस्पताल में सभी संसाधन, उपकरण क्रियाशील रखे गए है।
सीएमओ डॉ केएस चौहान के नेतृत्व में डॉक्टर्स तैनात किए गए है जो लगातार घायलों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण कर रहें है। आपदा कंट्रोल रूम से नियमित समन्वय स्थापित किया जा रहा है। वायु सेना, प्राइवेट हेलीकॉप्टर, आईटीबीपी, सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, निम के प्रशिक्षक द्वारा राहत एवं बचाव का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
इस दौरान डीएम अभिषेक रुहेला, एसपी अपर्ण यदुवंशी, क्षेत्रीय विधायक सुरेश चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चौहान, गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक लोकेंद्र बिष्ट, कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत, मीडिया प्रभारी भाजपा विजयपाल मखलोगा सहित एसडीएम चतर सिंह चौहान, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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