बारिश के कारण कुमाऊं मंडल के तीन जिलों की स्कूलों को आज भी बंद रखा गया है। अल्मोड़ा जिले के सल्ट में एक घर पर पाहाड़ी से मलबा आने से ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि 24 बकरियां दफन हो गईं। पर्वतीय रास्तों में कई स्थानों पर पेड़ गिरे हैं। टनकपुर पिथौरागढ़ हाईवे कई स्थानों मलबा आने से बंद है।
रामनगर के धनगढ़ी नाले के उफान पर आने से कुमाऊं का गढ़वाल से संपर्क फिलहाल कट गया है।
भूस्खलन से कई भवन खतरे की जद में आ गए हैं। कुमाऊं में बारिश के कारण नदी एवं झीलों का जलस्तर बढ़ गया है। तवाघाट-लिपुलेख, थल-मुनस्यारी, चंपावत-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे समेत 70 से अधिक सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से बंद हैं।
सीमांत पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के उच्च हिमालयी गांवों तक हिमपात हो रहा है। नैनीताल व भीमताल झील के लबालब होने के बाद निकासी गेट खोल दिए गए। धनगढ़ी नाले के उफान पर आने से गढ़वाल से कुमाऊं से का संपर्क रामनगर से फिलहाल कट गया है। तड़के से ही धनगढ़ी में बहाव ज्यादा होने से वाहनों का लंबा जाम लगा हुआ है।
बारिश के कारण वाहन जगह जगह फंसे हुए हैं। कई सरकारी कर्मचारी भी धनगढ़ी में फंसे हुए हैं। मौके पर प्रशासन द्वारा मलबे को हटाने के लिए जेसीबी भी खड़ी की हुई है। नायब तहसीलदार दयाल मिश्रा ने बताया कि पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। पानी कम होने के बाद ही मलवा हटवाया जाएगा। उसके बाद ही सड़क आवाजाही लायक हो पाएगी। रामनगर में कोसी नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि देहरादून, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदियों, नालों के किनारे बसे लोगों के साथ ही भूस्खलन संभावित इलाकों में बसे लोगों को सावधान रहने को कहा गया है।


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