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उत्तराखंड न्यूज़चमोलीताज़ा ख़बरसरोकार

पीएम मोदी ने बदरीनाथ धाम में की पूजा अर्चना, माणा गांव में कई योजनाओं का किया शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने रिवरफ्रंट के विकास कार्यो का निरीक्षण किया। इस अवसर पर राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से नि) तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित थे। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री केदारनाथ धाम में रूद्राभिषेक कर सबकी सुख एवं समृद्धि की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांव माणा में कनेक्टिविटी परियोजना का शिलान्यास किया और उसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने माणा गांव में सड़क और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने आगमन प्लाजा और झीलों के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री की जनसभा माणा गांव में आर्मी कैंपस के पास आयोजित की गई। इस जनसभा में लगभग 2000 लोग उपस्थित थे। मुख्य रूप से देश के अंतिम गांव माणा के भोटिया जनजाति के ग्रामीण और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

जनसभा को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पर पहाड़ी उत्पादों के स्टालों का निरीक्षण किया। इन स्टालों को जिन्होंने लगा रखा है उनसे प्रधानमंत्री ने बातचीत की और उनसे उन उत्पादों के बारे में जाना। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत जय बदरी विशाल और बाबा केदार के जयकारे के साथ की। उन्होंने सभी विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे देश को गुलामी की जंजीरों ने ऐसा जकड़ रखा है कि कुछ लोगों को विकास के कार्यों पर सवाल उठाते हैं।

पहले देश में अपनी ही संस्कृति को लेकर हीन भावना थी। लेकिन अब केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, काशी, उज्जैन, अयोध्या जैसे श्रद्धा के केंद्र अपनी भव्यता को दर्शा रहे हैं। देश में अब गुलामी की मानसिकता को खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने सीमांत के लोगों के सामर्थ्य को उन्हीं के खिलाफ इस्तेमाल किया है। लेकिन आज सीमांत के लोग संतोष में हैं।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए सीमा पर बसा हर गांव देश का पहला गांव है। सीमा पर बसे लोग देश के सशक्त प्रहरी हैं। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मैं पीएम बन गया इसलिए इस गांव को याद कर रहा हूं ऐसा नहीं है।

मैंने 25 साल पहले माणा में उत्तराखंड भाजपा की कार्य समिति की बैठक बुलाई थी। तब कुछ कार्यकर्ता मुझसे नाराज भी हुए थे कि इतनी दूर क्यों बैठक बुलाई। तब मैंने कहा था जिस दिन उत्तराखंड भाजपा के दिल में माणा गांव के लिए जगह बन जाएगी, उस दिन वहां के लोगों के दिलों में भाजपा की जगह बन जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के सीमा से सटे इलाकों को सड़कों से जोड़ा जा रहा है। पहाड़ों पर सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए, सागरमाला, भारतमाला की तर्ज पर पर्वतमाला का काम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माणा पास तक जो सड़क बनेगी उससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। लोग अब बदरीनाथ से सीधा नहीं लौटेंगे, माणा की खूबसूरती का आनंद लेने आएंगे और इस सड़क के बन जाने से सेना के जवानों के लिए भी आवाजाही सरल हो जायेगी।

उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए सभी यात्रियों से एक बात के लिए अनुरोध किया कि जब भी कोई भी यात्री किसी भी तीर्थ स्थल का दौरा करे तो वह उन तीर्थ स्थल के आसपास की उन चीजों को अवश्य खरीदे। उन्होंने कहा कि अगर आपकी यात्रा में जो भी खर्चा होता है उसका 5 प्रतिशत भी अगर इन लोगों के उत्पादक या कलाकृति को खरीदने में खर्च कर दें तो इससे इन लोगों को काफी मदद मिल जायेगी और इससे इन उत्पादों का प्रचार प्रसार भी होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब मैं माणा की धरती से जनता का आभार करता हूं कि हमें आपने सेवा का दोबारा मौका दिया। यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इन योजनाओं का शिलान्यास कर पाया हूं। उन्होंने कहा कि हेमकुंड रोपवे बनने से तीर्थयात्रियों को काफी सुविधा होगी।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को 3400 करोड़ रुपये के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की सौगात दी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उनकी यह योजनाएं उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश हिंदुत्व की तरफ बढ़ रहा है। राम मंदिर निर्माण और महाकाल कॉरिडोर इसका उदाहरण है।

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Hill Mail

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