पौड़ी गढ़वाल पट्टी कण्डवालस्यूं, कोट ब्लाक के अंतर्गत ग्राम कापड में चोरों के द्वारा 21 अक्टूबर 2022 को भगवती मंदिर के दरवाजे का ताला, तिजोरी एवं गांव के आठ परिवारों के घरों के दरवाजे के आलमारी, संदूक एवं अटैची के तालों को तोड़ा गया है। बताया जा रहा है कि मंदिर से लगभग 25,000 रूपये, चांदी के छत्तर एवं घरों से रूपये, कीमती सामान जिसमें गहने, साड़ियां और जूते चोरी होने की खबर है। गांव वालों ने बताया कि मंदिर के दान पात्र को दो तीन साल से नहीं खोला गया था।

ग्राम सभा कापड के प्रधान दीपक पंत ने बताया कि 22 अक्टूबर 2022 की सुबह लोगों को गांव के मंदिर एवं घरों में चोरी की वारदात का पता चला। गांव के लोगों को जब चोरी का पता चला तो गांव के लोग इन घरों में गये और उन्होंने देखा कि चोरी वाले घरों में सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा मिला। आठ परिवारों के घरों के दरवाजे के ताले, आलमारी, संदूक एवं अटैची के तालों को तोड़ा गया है।
गांव वालों ने फिर चोरी के बारे में पटवारी को बताया तो वह गांव में आये और पटवारी और गांव के लोगों इन घरों की स्थिति देखी। अभी चोरी कितनी हुई है इस बारे में ज्यादा पता नहीं चल पाया है क्योंकि जिन घरों में चोरी हुई है उन घरों के लोग गांव में मौजूद नहीं है वह गांव के बाहर रहते है। जब वह गांव आयेंगे तो तब जाकर ही क्या क्या चोरी हुई है उसके बारे में सहीं से पता चल पायेगा।
गांव वालों ने पटवारी को रिपोर्ट दर्ज करा दी है, बताया जा रहा है कि 2-3 दिन में केस पुलिस को ट्रांसफर हो जाएगा। कल छुट्टी की वजह से तहसीलदार ने कहा कि कितना समय लगेगा, यह अभी कहा नहीं जा सकता।
गांव के जिन लोगों के घरों के ताले तोड़े गए उनमें जोगेन्द्र सिंह बिष्ट, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रेम सिंह बिष्ट, कर्नल प्रताप सिंह, कैलाश सिह बिष्ट, पूरण सिंह बिष्ट, कमली देवी, विनोद बड़थ्वाल आदि शामिल है। ये सभी लोग फिलहाल गांव से बाहर रहते हैं बताया जा रहा है कि जब ये लोग घर आयेंगे तब सही मायनों में चोरी का पता चल पायेगा।

दीपक पंत ने बताया कि गांव के बीच में देवेंद्र सिंह बिष्ट का मकान है और वह दिल्ली रहते हैं उन्होंने अपने घर में एक शिक्षक को किराये पर दे रखा है। जब गांव वाले इस घर में गये तो पता चला कि चोरों में इस घर में खाना बना रखा है उन्होंने रोटी सब्जी बनाई और कुछ आटा बचा हुआ भी है। दीपावली की छुट्टी होने के कारण शिक्षक दोपहर को अपने घर ऋषिकेश चले गये थे। बताया जा रहा है कि शिक्षक का सामाना भी चोरी हुआ है जिसमें उनके चार हजार के जूते भी चोरी हुए हैं।
यह चोरी जिसने भी की है वह सब प्लानिंग से की गई है चोरों को पता था कि कौन-कौन लोग इस समय गांव में नहीं है। गांव में कई ऐसे घर भी है जिनके घर जाने का रास्ता आसान नहीं है। चोर उनके घर पर पहुंच गये हैं इससे साफ पता चलता है कि चोरों को इस गांव के बारे में पहले से पूरी जानकारी थी और इसीलिए उन्होंने उन्हीं घरों में चोरी की जिनके घरों में ताले लगे हुए थे।
अब उत्तराखंड के लोगों को और भी सकर्त रहना होगा क्योंकि हमारे गांवों में आये दिन बाहरी लोगों का आना जाना शुरू हो गया है। लोग इन लोगों की बिना जांच के यहां आने देते हैं कम से कम इन लोगों के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए कि ये लोग कहां से आये हैं और कहां रह रहे हैं ताकि अगर कोई अप्रिय घटना घटती है तो इन लोगों से पूछताछ की जा सके।


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